राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म’ (एडीआर) ने राज्य के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ दर्द अपराधिक मामलों और उनकी संपत्ति को लेकर एक रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल 31 मुख्यमंत्रियों में से 11 के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 25 मुख्यमंत्री करोड़पतियों की लिस्ट में भी शामिल हैं।

इनमें से 8 के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ सबसे ज़्यादा 22 अपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें से 3 गंभीर आपराधिक मामलों के केस हैं। जैसे स्वेच्छा से खतरनाक हथियारों या साधनों से चोट पहुंचाना, गैरकानूनी विधानसभा का हिस्सा, दंगेबाजी, धोखाधड़ी के साथ सरकारी कर्मचारी के टोकन के इस्तेमाल का केस दर्ज है।

रिपोर्ट में बिहार के नीतीश कुमार, दिल्ली के अरविंद केजरीवाल, झारखंड के रघुबर दास, यूपी के योगी आदित्य नाथ, तेलंगाना के के सी राव, केरल के पिनराई विजयन, जम्मू कश्मीर की महबूबा मुफ्ती, पुडुचेरी के नारायणसामी, आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम शामिल है।

वहीं धनि मुख्यमंत्रियों की बात करे तो देश के 81% मुख्यमंत्री करोड़पति हैं। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 177.48 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ करोड़पतियों की लिस्ट में पहले स्थान पर हैं, तो अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू दूसरे सबसे धनी सीएम हैं। उनकी संपत्ति 129.57 करोड़ रुपए है। तीसरे स्थान पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं। उनकी संपत्ति 48.31 करोड़ रुपए है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 6.27 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ 14वें स्थान पर है। 15वें स्थान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हैं। उनकी संपत्ति 5.61 करोड़ रुपए है।

वहीं सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों की बात की जाए तो त्रिपुरा के सीएम मणिक सरकार की संपत्ति मात्र 27 लाख रुपए है। उनसे ठीक ऊपर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं, जिनकी संपत्ति 30 लाख रुपए है। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के पास 55 लाख रुपए की संपत्ति है और वह सबसे कम धनी मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं।

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