संसद के मानसून सत्र में नोटबंदी पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी के दौरान 29 राज्यों में से करीब 11.23 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गये।

वित्तमंत्री ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद 14 जुलाई तक 29 राज्यों में से कुल 1,57,797 नकली नोट बरामद हुए, जिनका कुल मूल्य 11.23 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

 

नोटबंदी की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने नोटबंदी को काला धन, नकली नोट, नक्सलवाद और आतंकवाद आदि के खिलाफ़ सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया था। नकली नोट बाजार में फिर से आ गए हैं तो आतंकवाद और नक्सल पर नोटबंदी लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा।

नोटबंदी के बाद आई रिपोर्ट पर अगर गौर करें, तो नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक आत्मघाती कदम था। नोटबंदी के बाद जहां देश की जीडीपी और विनिर्माण आंकड़ों में कमी दर्ज की गई। इतना ही नहीं नोटबंदी के बाद देश के करीब 15 लाख लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।

तो क्या ये मान लिया जाए कि सरकार ने इतना बड़ा कदम सिर्फ़ इन 11.23 करोड़ रुपये के नकली नोट पकड़ने के लिए उठाया। नोटबंदी के बाद जो भी रिपोर्टस् सामने आ रही हैं, उनपर नज़र डाली जाए, तो नोटबंदी के वैसे फ़ायदे होते हुए दिखाई नहीं दे रहे, जैसा सरकार उस समय बता रही थी।

Loading...
loading...