पिछले साल सरकार ने हज़ार और पांच सौ के पुराने नोट की वैधता खत्म कर दी थी। इनके बदले सरकार ने 500 और दो हजार के नए नोट लाई थी। सरकार द्वारा नए नोट छापने का आदेश देने के बाद राज्यसभा में इसको लेकर केंद्र के खिलाफ कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने हंगामा खड़ा कर दिया।

विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार नोटबंदी के बाद से लगातार नोट के डिजाइन और डिनोमिनेशन में परिवर्तन करने की कोशिश कर रही है, जिससे किसी बड़े घोटाले की आहट लग रही है।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने राज्यसभा में बताया कि ‘रिजर्व बैंक दो तरह के नोट छाप रहा है, अलग-अलग साइज के, अलग-अलग डिजाइन के, अलग-अलग फीचर्स के।’ उन्होंने कहा, ‘आज हमें पता चला है कि ऐसा क्यों हो रहा है? जो नोट बीजेपी कार्यकर्ता के पास इलेक्शन के दौरान आए, वो यही नोट हैं।

सिब्बल का साथ देते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ये सदी का सबसे बड़ा घोटाला है। दो किस्म के हजार के नोट और दो किस्म के पांच सौ के नोट छापे गए हैं। एक पार्टी चलाए और एक सरकार चलाए। आजाद ने कहा, ‘इतनी भ्रष्ट सरकार को पांच मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है।

सरकार जल्द ही 200 रुपये का नया नोट मार्केट में लॉन्च करने जा रही है। इसके अलावा नोटबंदी के बाद शुरू किया 2000 रुपये का नोट बंद करने की अफवाहें भी जोर पकड़ रही हैं।

 

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