गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में पिछले 48 घंटों में 30 मासूमों की मौत की खबर विचलित करने वाली है, वो भी सिर्फ इसलिए कि सप्लायर का लाखों का बकाया था और उसने सप्लाई बंद कर दिया।

प्रशासन की लापरवाही की ये घटना अमानवीय और शर्मनाक है जिससे आहत होकर के लोग सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दो दिन पहले अस्पताल का दौरा करने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनदेखी के लिए भी जमकर लताड़ा जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लिखते हैं ‘गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की दर्दनाक मौत, सरकार जिम्मेदार। कठोर कार्यवाही हो, 20-20 लाख का मुआवजा दे सरकार।’

फिल्मकार विनोद कापड़ी लिखते हैं ‘योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत की खबर, योगी ने 2 दिन पहले इस अस्पताल का दौरा किया था ।

एक अन्य ट्वीट करते हुए लिखते हैं ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आपके शहर में आप ही के दौरे के ठीक 2 दिन बाद 30 बच्चों की मौत । क्या आप इसकी जिम्मेदारी लेंगे?

TV पत्रकार अभिसार शर्मा लिखते हैं योगी जी बीआरडी अस्पताल का दौरा कर चुके थे। ऐसा क्या देखा उन्होंने की पूरी तरह आस्वस्त हो गए और अगर नहीं तो फिर 30 मासूमों की मौत क्यों ?

मीडिया और लोगों के रुझान पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए अभिसार शर्मा लिखते हैं ‘देश की जनता के लिए 30 मासूमों की मौत मायने नहीं रखती बल्कि वंदे मातरम, मदरसा में झंडा,बस यही मुद्दे हैं। इसी से हम खुश हैं और क्या चाहिए।’

आम आदमी पार्टी की तरफ से अंकित लाल लिखते हैं ‘बच्चे तड़प तड़प कर ऑक्सीजन की कमी से मरे। क्योंकि आक्सीजन देने वाली कंपनी को सरकार से पेमेंट नहीं मिली । गलती किसकी?

मीडिया से नाराजगी व्यक्त करते हुए अभय दुबे नाम की पैरोडी अकाउंट से लिखा जाता है ’30 बच्चों की मौत पर न कोई ताल ठोक देगा न कोई DNA दिखाएगा। न ही कोई हल्ला बोलेगा । कहां गए राष्ट्रवादी पत्रकार ? सवाल पूछो योगी जी से!

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