भाजपा सरकारें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को छोड़कर गाय की राजनीति करती आ रहीं हैं। लेकिन गाय की राजनीति करने वाली खुद भाजपा की सरकार में गायें सुरक्षित नहीं हैं।

लखनऊ के ‘कान्हा उपवन’ गौशाला में 1 अप्रैल से 10 अक्टूबर तक कुल 400 गायों की मौत हो चुकी है। वहीं पिछले 6 महीने से गाय सहित 3000 जानवरों को आधा पेट खाना मिल रहा है। इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत और उन्हें आधा पेट खाना मिलने की वज़ह संस्था के पास चारे के लिए बजट का नहीं होना है।

आपको बता दें कि संस्था के सेक्रेटरी यतीन्द्र त्रिवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री एसपी बघेल ने चारे का बजट रोक रखा है।

यतीन्द्र के मुताबिक अखिलेश सरकार के दौरान 2016-17 में कान्हा उपवन को 2.50 करोड़ का बजट पास हुआ था, लेकिन इस साल का बजट ख़त्म होने पर इसकी जानकारी प्रशासन से लेकर सरकार को दी गई है पर अभी तक वहां से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।

यतीन्द्र ने आगे बताया कि पशुधन मंत्री एसपी बघेल ने पैसे चारे के लिए अनुदान देने से मना कर दिया है। एसपी सिंह बघेल से मुलाक़ात करने पर उन्होंने साफ़ कहा कि ‘यूपी में 470 गौशालाएं हैं तो हम सिर्फ आपको ही पैसा क्यों दें!

हमारे पास कान्हा उपवन की ज़मीन है लेकिन लोगों ने उसपर अवैध कब्जा कर रखा है। अगर हम इस जमीन को बेच दें तो कितने करोड़ रुपए मिल जाएंगे।‘

आपको बता दें कि कान्हा उपवन में जानवरों की सेवा के लिए 44 लोग काम करते थे, लेकिन बजट ना होने की वज़ह से उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। बता दें कि कान्हा उपवन की देखरेख करने वाले गायों के लिए चारा उधार ले रहे हैं।

अभी तक सरकार से अनुदान का मिलने की वज़ह से उपवन पर चारे का 2 करोड़ से ज्यादा का बकाया हो गया है। चारा सप्लायरों ने पैसा ना मिलने पर किसी भी वक्त चारे की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि पिछली अखिलेश यादव सरकार ने गायों के पालन-पोषण के लिए बजट पास किया, लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार गायों को आधा पेट चारा खिला कर उन्हें तड़पकर मरने के लिए छोड़ रही है। इसपर सवाल यही उठता है कि योगी ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं तो अब निसहाय गाय माता की रक्षा कौन करेगा?

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