भाजपा की केंद्र का सरकार का नोटबंदी का फैसला अब पूरी तरह से नाकामयाब साबित हो गया है| जब नवम्बर में ये फैसला लिया गया था तो भाजपा के हर फैसले की तरह इसे भी देशहित में बताया गया|

भाजपा की तरफ से चिल्ला-चिल्लाकर इस बात का प्रचार किया गया था कि अब देश से कालाधन ख़त्म हो जाएगा| नोटबंदी के बाद लाखों लोग बेरोज़गार हो गए, 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और हज़ारों उद्योगों को नुकसान हुआ लेकिन सबसे यही कहा गया कि आपकों देश के लिए ये नुकसान उठाना ही पड़ेगा| अगर आप देश से कालेधन को ख़त्म करना चाहते हैं तो ये कष्ठ सहना ही पड़ेगा|

परन्तु अब जनता द्वारा दिया गया वो बलिदान भी व्यर्थ नज़र आ रहा है क्योंकि आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आंकड़ो के मुताबिक ज़्यादातर पैसा बैंकों में वापस आ गया है|

आरबीआई ने कल अपनी वेबसाइट पर आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि, 1000 के 99% नोट बैंकों में वापस आ गए हैं| ये आंकड़ा केंद्र सरकार के उस दावे के विपरीत है जिसमे उन्होंने कहा था कि 3 लाख करोड़ रुपए बैंकों में वापस नहीं आएंगें क्योंकि वो कालाधन है|

बतादे जब नोटबंदी की गई थी तब 1000 और 500 के 85% नोट चलन (Circulation) में थे| मतलब 1000 और 500 के लगभग 15 लाख करोड़ के नोट चलन में थे जिसमें से 1000 के 6.86 लाख करोड़ के नोट थे|

Loading...
loading...