आज के दौर में इस देश के अंदर मुस्लिम समुदाय खुद को असुरक्षित क्यों महसूस कर रहा है, उसको समझने के लिए इस मामले को समझिए।

राजस्थान में एक लोक कलाकार की हत्या महज इसलिए कर दी गई क्योंकि वह भक्ति गीत में गलती कर देता है,उसका सुर बिगड़ जाता है। जिसके बाद पिछले दो हफ़्तों में लगभग 200 मुस्लिमों ने अपने गांव छोड़ दिए ।

कितना भयानक है कि हिंदू पुजारियों ने  मुस्लिम लोक गायक की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि भक्ति गीत गाते समय उनसे कुछ गलती हुई थी ।

पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक एक गांव में 27 सितंबर की रात हुई इस घटना के बाद पुजारियों के पक्ष का कहना है कि भक्ति गीत गाते समय गलतियां कर रहे थे ।

दरअसल खान लंगा मांगणियार समुदाय से आते हैं जो पीढ़ियों से हिंदू धार्मिक गीतों को गाने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं ।

पुजारी पक्ष के लोग कहते हैं  अहमद खान ठीक से नहीं गाते थे जिसका मतलब है कि वह इस शक्ति को जगाने के योग्य नहीं थे।

पुलिस का कहना है कि पुजारी और उसके तो भाइयों ने मिलकर खान की हत्या कर दी । हालांकि उसके बाद से केवाई फरार हैं ।

घटना की खबर मिलते ही हिंदू मुस्लिम समुदाय में तनाव की स्थिति बन गई, जिससे डर के माहौल में  मुसलमानों को जीना पड़ रहा है।

मुस्लिम परिवारों का कहना है कि हमें वहां धमकाया जा रहा है ,जान का खतरा है इसलिए हम गांव में वापस नहीं लौटेंगे।

NDTV के अनुसार, वहां के जिला कलेक्टर का कहना है कि हम दोनों समुदायों के बीच मामला सुलझाने की पूरी कोशिश कह रहे हैं।

अब पुलिस मामले में क्या कर पाती है ये तो देखने कि बात है मगर कितने डरावने समाज का निर्माण पुजारी जैसे लोग कर रहे हैं जहाँ न सहिष्णुता है न दूसरे के जान की कीमत ।

मोब लिंचिंग अब गलियों कूचे से होते हुए कला के मंच पर आ रही है, समाज के स्वघोषित अगुआ अपने घिनौने चेहरे संग खुलकर सामने आ रहे हैं , उनके नेतृत्व में भीड़ आदमखोर हो रही है

उदासीनता को छोड़कर मजलूमों के साथ जो अब नहीं खड़े हो पा रहे हैं मानो उनकी चुप्पी ही हत्यारों के लिए अघोषित समर्थन है ।

समर राज

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