Tuesday, Jan 17, 2017
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मां पर कहर बनकर टूटी नोटबंदी,मजदूरी नहीं मिली तो मजबूरी में अपने बच्चे को 2000 रूपए में बेच दिया

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जहां नोटबंदी की मार झेल रही एक गरीब मां ने मजबूर होकर अपने जिगर के टुकड़े (नवजात शिशु) को महज़ 2000 रुपये में बेच दिया।

मामला केंद्रपाड़ा जिले के भ्रामारादियापटना इलाके का है। जहां की रहने वाली गीता मुर्मु दिहाड़ी मज़दूरी से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। लेकिन नोटबंदी गीता मुर्मु पर कहर बनकर टूटी। इलाके के दूसरे मजदूरों की तरह नोटबंदी के बाद गीता को काम मिलना बंद हो गया। गीता इस दौरान गर्भवती थी।

गर्भावस्था के दौरान उसका खर्च भी बढ़ गया था। ऐसे में अपनी 12 साल की बेटी और 5 साल के बेटे के भरण-पोषण के लिए उसके पास कोई दूसरा चारा नहीं था। लिहाजा गीता ने पड़ोसी ममता साहू से अपने नवजात शिशु का सौदा 2 हजार रुपये में कर लिया।

वहीं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गीता से मुलाकात कर इस सौदे को गैर-कानूनी करार दिया है। बता दें कि प्रशासन के दखल के बाद ममता साहू के परिवार ने बच्चे को लौटा दिया है।

हालांकि सवाल अब भी बरकरार है कि गीता इस बच्चे को कैसे पालेगी? क्या मामले से मीडिया और प्रशासन की तवज्जो हटने के बाद उसे फिर बेच दिया जाएगा? सवाल ये भी है कि आखिर कब तक गीता जैसे गरीब परिवार नोटबंदी का खामियाजा भुगतेंगे?

Tag- #Poverty, #Demonetization, #Effect of Demonetization, #Odisha, #PMModi

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  • Avi / January 11, 2017

    मोदी शैतान आया…देश में बेरोजगारी, गुलामी प्रथा और वैश्यावृत्ति लाया…

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