आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के संसदीय सचिव मामले से जुड़ा केस खत्म करने की याचिका को चुनाव आयोग ने नामंज़ूर कर दिया है।

इस पर आप विधायक अलका लांबा ने इसे मोदी सरकार की साजिश करार दिया हैं। अलका लांबा का कहना हैं कि, यह बीजेपी सरकार की साजिश हैं और आम आदमी पार्टी इस साजिश के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी।

अलका लांबा ने ट्वीट के ज़रिये कहा, ‘AAP को दिल्ली तक सीमित रखने की साजिश में मोदी सरकार कामयाब नहीं हो पायेगी। AAP का संघर्ष BJP के खिलाफ गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में जारी रहेगा।’

दरअसल आप के 21 विधायकों के संसदीय सचिव मामले से जुड़ा केस खत्म करने के लिए चुनाव आयोग में याचिका दायर की गई थी जिसे चुनाव आयोग ने ख़ारिज कर दिया हैं। दिल्ली सरकार ने मार्च 2015 में 21 आप विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया।

जिसको प्रशांत पटेल नाम के वकील ने लाभ का पद बताकर राष्ट्रपति के पास शिकायत की थी और इन 21 विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की। राष्ट्रपति ने मामला चुनाव आयोग को भेजा और जिस पर आयोग ने मार्च 2016 में 21 आप विधायकों को नोटिस भेजा, जिसके बाद इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई।

इस मुद्दे पर आप विधयाको का कहना हैं कि जब दिल्ली हाई कोर्ट में संसदीय सचिव की नियुक्ति ही रद्द हो गई है तो ये केस चुनाव आयोग में चलने का कोई मतलब नहीं बनता।

इस मुद्दे पर ही अलका लांबा ने बीजेपी सरकार पर साजिश का आरोप लगाया हैं। उनका कहना हैं कि, चुनाव आयोग के इस फैसले के पीछे मोदी सरकार ही ज़िम्मेदार हैं।

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