रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की वार्षिक रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर हो रहा है। रिजर्व बैंक के अनुसार नोटबंदी के दौरान अमान्य किए 500 और 1000 के 99 प्रतिशत नोट वापस बैंकों में आ चुके हैं।

नोटबंदी के फेल होने पर मोदी सरकार पर हमलावर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि आरबीआई की रिपोर्ट आने के बाद वह बात सही साबित हो गई है जो आम आदमी पार्टी द्वारा नोटबंदी के वक्त व्यक्त की गई थी।

आप नेता संजय सिंह ने कहा कि नोटबंदी आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। नोटबंदी लागू कर के नरेंद्र मोदी ने अपने करीबियों के सारे काले धन को सफेद करने का काम किया है। सरकार ने नोटबंदी लागू कर के देश की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका और फटका देने का काम किया है। समय के साथ भाजपा का नोटबंदी का सच सबके सामने का जाएगा।

आप नेता संजय सिंह ने कहा कि सरकार नोटबंदी घिर रही है, जैसै-जैसै सरकार की नाकामी सामने आ रही है वैसे वैसे सरकार के मंत्री बेशर्मी के साथ नोटबंदी को जायज ठहराने में लगे हुए हैं और नोटबंदी के फायदे अभी भी बताए जा रहे हैं। जबकि नोटबंदी को दौरान सैकड़ों लोगों की जान गई और लाखों लोग बेरोजगार हो गए।

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार15,44,000 करोड़ रुपए की मुद्रा को डीमोनेटाइज़ किया गया था जिसमें से 15,28,000 करोड़ रुपए वापस आ गए हैं, और करीब 16,000 करोड़ रुपए वापस नहीं आए हैं। ये आंकड़े आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं की पुष्टि करते हैं।

संजय सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि सरकार बड़े नोट बंद कर रही है, तो आप और अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। हमने तब कहा था कि यह फ़ैसला देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देगा, बेरोजगारी में वृद्धि होगी, छोटे व्यवसाय बर्बाद होंगे, और सामान्य भारतीयों को सबसे अधिक नुकसान होगा।

अप्रैल से जून माह तक जीडीपी में आई गिरवट पर बोलते हुए आप नेता संजय सिंह ने कहा कि मोदी जी जब सत्ता में आए थे तो 8.5 फीसदी जीडीपी थी। अब 5.7 फीसदी हो गई है। यानि देश की अर्थव्यवस्था लगातार बर्बादी की कगार पर है। विनिर्माण से लेकर खनन हर क्षेत्र में गिरावट लगातार जारी है। उसके बाद भी सरकार गलत कामों का बखान कर रही है। नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री के दावों पर हमला करते हुए संजय सिंह ने कहा कि वो सारे दावे हवा में उड़ गए हैं। जपान यात्रा के दौरान मोदी के भाषण के दौरान लोगों की परेशानी का मजाक उड़ाए जाने की बात का संजय सिंह ने भी जिक्र किया।

आरबीआई के आंकड़ों पर सवालिया निशान लगाते हुए संजय सिंह ने सरकार पर आरबीआई के राजनीतिकरण का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद आरबीआई ने कहा था कि 1000 और पांच सौ के 14,18,000 करोड़ रुपये को डीमोनेटाइज़ किया गया है लेकिन अब आरबीआई दावा कर रही है कि यह आंकड़ा वास्तव में 15,44,000 करोड़ रुपए है। इसकी भी आरबीआई को पूरी जानकारी देनी चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने पूरे देश को मूर्ख बनाने का काम किया है। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर सवाल उठाते हुए संजय सिंह ने कहा कि क्या जो कुछ प्रधानमंत्री 8 नवंबर को कहा था वह लक्ष्य नोटबंदी से प्राप्त हुए।

संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को हाथ जोड़ कर देश को लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिनके परिवार के सदस्यों की नोटबंदी के कारण मौत हो गई थी। उनलोगों से माफी मांगनी चाहिए जिनके उद्योग-धंधे नोटबंदी के कारण बंद हो गए उन नौजवानों से माफी मांगनी चाहिए जिन्हें नोटबंदी के करण अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों की पीठ और पेट में लात मारने का काम किया है।

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