बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तलवार दंपति को मर्डर केस से बरी कर दिया है।

बता दें कि कोर्ट ने परिस्थितियों और मौजूदा सबूतों के आधार पर तलवार दंपति को दोषी ना मानते हुए और किसी भी तरह का शक ना होने चलते उनको बरी कर दिया है।

आपको बता दें कि 14 साल की आरुषि तलवार की लाश 16 मई, 2008 की सुबह नोएडा के जलवायु विहार के फ्लैट नंबर एल-132 में मिली थी। उसका गला रेता गया था। घर के नौकर हेमराज, जिसपर शुरुआत में हत्‍या का शक था, की लाश अगले दिन फ्लैट की छत पर मिली थी। छत का दरवाजा भीतर से बंद था।

इस हत्याकांड में नोएडा पुलिस ने 23 मई को डॉ राजेश तलवार को बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच एक जून को सीबीआई को सौंप दी गई थी।

वहीं सीबीआई अदालत द्वारा दोषी माने गए तलवार दंपति राजेश और नुपुर ने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की थी। तलवार दंपति अभी गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है। 29 अगस्त 2016 को उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद नुपुर कुछ दिनों के लिए पैरोल पर रिहा की गई थी।

बता दें कि सीबीआई कोर्ट ने नवंबर 2013 में तलवार दंपति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं अपील पर न्यायमूर्ति बी.के. नारायण एवं न्यायमूर्ति ए.के. मिश्र की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हो रही है।

इससे पहले, अदालत ने 11 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षा कर लिया था। हालांकि बाद में अदालत ने सीबीआई की कुछ दलीलों में विरोधाभास पाते हुए सुनवाई को फिर से शुरू करने का फैसला किया। अदालत ने फिर अपना फैसला 12 अक्‍टूबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया।

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