गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश के बाद अब हरियाणा ने भी “पद्मावती” पर पाबंदी लगा दी है यानि के ये फिल्म वहां प्रदर्शित नहीं होंगी। ये वो खट्टर की खटारा सरकार है जहां बाबाओं के भक्त खुलेआम हिंसा करते हैं।

आरक्षण पर पूरा राज्य जल उठता है और राज्य सरकार बेबस देखती रहती है । ये वो व्यवस्था है जिसने अपने नागरिकों को सुरक्षा का वादा किया था …बहुत हुआ नारी पर अत्यातार, बहुत हुआ अपराध, बहुत हुआ भ्रष्टाचार.. अबकी बार…. लल्ला लल्ला लोरी सरकार..

इसी हरिय़ाणा में चार लड़कियों का वीभत्स बलात्कार होता है और राज्य सरकार कमजोरी का परिचय देती हुई कुछ नहीं कर पाती है . और अब आपनी बहादुरी एक फिल्म पर दिखाने चली है.. वाह..

19 राज्यों मे बीजेपी औऱ सहयोगी दलों की सरकार है । सभी जगह ये फिल्म बैन कर दी जाएगी । इसे कहते हैं रामराज्य । इसे कहते हैं प्रजातंत्र।

सवाल एक भंसाली का नहीं  सवाल ये कि बगैर फिल्म देखे  सवाल ये भी कि सरकार समर्थक पत्रकारों ने फिल्म देखी और कहा इसमे कुछ आपत्तिजनक नहीं । उल्टा राजपूतों का महिमामंडन है  फिर भी सरकारें ऐसा कदम उठा रही है ? Banana Republic है क्या ?

सरकार का काम होता है जनता कि हितों की रक्षा करना मगर ये मामला साबित करता है कि सियासत के चलते , सरकार का चेहरा कितना बेहरम और कुरूप हो सकता है, क्योंकि फिल्म से जुुड़ी होती हैं अनगिनत रोजी रोटियां. और एक ऐसे वक्त मे जब गौैरक्षा के नाम पर हत्याएं देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही हैं…ये घटना देश की साख पर और बड़ा दाग है.

खैर न भक्तो की भक्ती मे कोई कमी आएगी , न उन कचरा चाटुकारों के propaganda मे जो खुद को निष्पक्ष जानकार बताते हैं और इस सरकार का सही गलत…सब सही करने मे लगे रहते हैं…. आने वाला वक्त Creative काम करने वालों के लिए बहुत मुश्किल होने वाला है, जब इतनी पाबंदियां होंगी. पत्रकार, लेखक, फिल्मकार… सब घुटन महसूस करेंगे… कर रहे हैं….

मगर वाकई कितनी असुरक्षित सरकार है। कितनी Insecure पार्टी है।

कितना डरती है ।जो हमे बार बार डराना चाहती है। डरा रही है और हम डर रहे हैं…

जो भी कह लो, दोष सिर्फ हमारा है क्योंकि यही डर व्यापारियों मे हैं छात्रों में है नौकरीपेशा लोगों मे हैं कि बात नहीं मानोगे तो नप जाओगे

डरो डरो डरो ….और ….

मस्त रहो…..

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