यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार रात को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के काफिले की कार से टक्कर के बाद एक शख्स की मौत हो गई थी। जबकि मोटरसाईकिल पर सवार दो बच्चे घायल हो गए। हादसे में जिस बाइकचालक की मौत हुई उसके परिवारजनों ने मानव संसाधन विकास मंत्री पर मदद न करने का आरोप लगाया है, वहीं स्मृति ईरानी के मंत्रालय से सफाई आई है कि हादसे वाली स्मृति ने खुद एसएसपी को फोन करके एंबुलेंस बुलाई थी।

मृतक की बेटी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि मंत्री ने हमें मदद करने से साफ मना कर दिया था। आगरा के रहने वाले नागर की बेटी संदिली ने आरोप लगाया है कि मेडिकल मदद न मिलने की वजह से उनके पिता की सड़क पर ही मौत हो गई। संदिली अपने पिता और परिवार के एक और सदस्य के साथ शादी में जा रही थी।

संदिली ने यह भी कहा कि उन्होंने मदद के लिए मंत्री से गुहार लगाई थी लेकिन स्मृति ईरानी उन्हें अनदेखा कर दूसरी गाड़ी में बैठकर निकल गईं। इतना ही नहीं मृतक के घरवालों ने आरोप लगाया है कि उनके बेटी और भतीजे को सात घंटे के बाद उचित इलाज मिल सका। हालांकि, शनिवार रात मंत्री ने जो ट्वीट किया था उसमें उन्होंने कहा था कि जख्मी लोगों को हॉस्पिटल पहुंचा कर उनकी मदद की गई। ‘

बता दें कि ईरानी, 5 मार्च को बीजेपी युवा शाखा के मथुरा में अधिवेशन से दिल्ली लौट रही थीं जब यमुना एक्सप्रेस वे पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई थी और कई वाहन आपस में भिड़ गए थे। ट्वीट में स्मृति ने अपने सुरक्षित होने की सूचना दी, साथ ही यह भी बताया था कि उन्होंने सुनिश्चित किया है की घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए।

मथुरा के मांट पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया। एफआईआर के मुताबिक मंत्री के काफिले में शामिल तेज गति से चल रही (डीएल 3 बीए 5315) नंबर कार ने मोटरसाइकिल पर टक्कर मार दी थी, जिसमें रमेश व दो बच्चे सवार थे।

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