विरोध करने से अब डर लगने लगा है
कहीं देशद्रोही का तमगा न मिल जाए
इस जबान से कहता हूँ कम बोला कर
कहीं सत्ता के हाथों न सिल दी जाए
विरोध की सजा देकर जेल भेजा जा रहा है
लगता है युवा नई क्रांति ला रहा है
ये विरोध नही तुम्हारे कर्मो का फल है
कितनो को जेल भेजोगे, ये तब तक लडेंगे
जब तक इनके इरादो मे बल है
जो इस देश का भविष्य का है
अब उन्हे ही सताया जा रहा है
एक विरोध से इतना भी क्यो डर गए
जो अब इन्हे रास्ते से हटाया जा रहा है
कब तब इस गरम लहू को दबाओगे
संभल जाओ वरना खुद ही जल जाओगे
ये युवा बस न्याय का प्यासा है
यही इस विरोध की परिभषा है
  -सऊद अहमद

Loading...
loading...