उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक मदरसे के वाटर टैंक में जहर मिलाकर बच्चों को मारने की साजिश की गई। पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी के चैयरपर्सनशिप वाली अलनूर चैरिटेबल सोसाइटी इस मदरसे को चलाती है।

हादसा रविवार की सुबह करीब दस बजे हुआ, लोगों के मुताबिक दो लड़के दीवार कूद कर अंदर आये और वाटर टैंक में जहर घोलने लगे उसी वक्त अफजल नाम के छात्र ने उन्हें देख लिया।

छात्र ने बताया कि, जब वह वहां से भागकर लोगों को बताने जा रहा था तभी बदमाशों ने उसे बंदूक दिखाकर धमकाया। और किसी को इसके बारे में ना बताने की धमकी भी दी। बदमाशों ने घबराहट में जहर का पैकेट वहीं छोड़ गए। लेकिन मासूम छात्र ने हिम्मत से काम लिया और वाडर्न को जाकर इसके बारे में बताया। जिसके बाद लोग वाटर टैंक के पास पहुंचे और पुलिस को तत्काल खबर दी। पुलिस मौका-ए वारदात पर पहुंच कर पानी के सैम्पल को जांच के लिए लैब भेज दिया।

खैर, ये तो मासूम बच्चे की सूझ-बूझ से बड़ा हादसा होते-होते टला। लेकिन आए दिन देश में हो रहे शिक्षण संस्थान में बच्चों पर हमले किस ओर इशारा कर रहे हैं। क्या अब स्कूलों में हमारे बच्चे महफूज नहीं हैं। आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। स्कूली बच्चों पर हो रहे लगातार हमले की खबर से सरकार में बैठे जिम्मेदार लोगों पर तो जूं तक नहीं रेंगती।

हांलाकि सोसाइटी की चेयरपर्सन सलमा अंसारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश मदरसे के पीआरओ राशिद अली को दिए। राशिद अली ने कोतवाली सिविल लाइंस में दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शिकायत की। वही पुलिस ने तुरन्त एक्शन लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई।

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