दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पहलू खान के बेटे (इरशाद) और चश्मदीद ने 6 आरोपियों को बरी किया जाना अपने साथ ‘धोखा’ बताया।

इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और तहसीन पूनावाला और कांग्रेस नेता शहजाद पूनावाला भी मौजूद रहे।

इरशाद ने राजस्थान के पूरे प्रशासन पर उन्हें डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा “स्थानीय पुलिस से लेकर ऊपर के अधिकारी उन्हें केस छोड़ने को बोलते हैं, हाईकोर्ट में सुनवाई होने के बाद उनके खुद के वकील ये बोलते हैं कि घर रात में ही जाना दिन में नहीं, पता नहीं कौन तुमपर हमला करदे इसीलिए ज़रा संभल के घर जाना”।

बता दें कि 29 अप्रैल 2017 को अलवर में उन्मादी भीड़ ने गौरक्षा के नाम पर 55 साल के पहलू खान की हत्या कर दी थी। जबकि पहलू खान और उनके बेटे इरशाद सरकारी गौशाला से दुधारू गाय लेकर आ रहे थे। उनके पास घटना के समय गाय खरीद के सरकारी दस्तावेज़ मौजूद थे। इसे बिडम्बना ही कहेंगे कि पहलू खान की हत्या में जो 14 नामजद्द आरोपी हैं उनमें से 6 को राजस्थान पुलिस ने बरी कर दिया गया है। हालाँकि इस प्रकरण के अन्य 9 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला चलता रहेगा।

वहीं कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार आरोपियों को बचा रही है और पीड़ितों को न्याय से वंचित कर रही है, यह किसी भी सूरत में उचित नहीं है। बीजेपी का यही चेहरा दादरी में अखलाक के केस में भी दिखा था। जिसमें मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री एक आरोपी की मौत के बाद तिरंगा चढ़ाया था।

इरशाद ने बताया कि उन्हें और उनके परिवार को भाजपा के नेताओं से लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। अलवर के रामगढ़ से विधायक ज्ञानदेव आहूजा इस केस में आरोपियों की हिमायत करते रहे हैं। सवाल यह है कि क्या राजस्थान सरकार, प्रशासन आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है?

ध्यान देने वाली बात यह है कि पुलिस रिपोर्ट में बरी किए गए आरोपी हिन्दू संगठन से जुड़े हुए हैं। ऐसे में राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चन्द्र कटारिया ने कहा कि हम पुलिस की जांच पर सवाल नहीं उठा सकते, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल उठाता है। इसी को ध्यान में रखकर पहलू खान का परिवार केस को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की बात कर रहा है।

आपको बता दें कि, जिन 6 आरोपियों को क्लीन चिट दी गई है पहलू खान ने दम तोड़ने से पहले इन लोगों का नाम लिया था और ये सभी बरी 6 आरोपी पहलू खान को मारे जाने वाले विडियो में दिखाई दे रहे हैं। बावजूद इसके राजस्थान पुलिस ने हत्या के इन आरोपियों को छोड़ दिया। राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार का पहलू खान केस में कोई खास दिलचस्पी भी नहीं दिखा रही है।

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