हर समय अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सुंजवां में हुए शहीदों की बात करते हुए कहा कि, आज भी मुसलमान देश के लिए जान देने से नहीं डरते।

सांसद असदुद्दीन ओवैसी का कहना है ’’कि 7 में से जो 5 लोग मारे गए वो कश्मीरी मुसलमान थे। अब इस पर कुछ क्यों नहीं बोला जा रहा है। इससे सबक हासिल करना पड़ेगा उन लोगों को जो मुसलमाओं की वफादारी पर शक करते हैं। जो उनको आज भी पाकिस्तानी कहते है। हम तो जान दे रहे है’’।

दरअसल जम्मू-कश्मीर के सुंजवां में शहीदों ने एक नई मिसाल पेश की है। आर्मी कैंप पर हुए हमले में 7 जवानों में से जो 5 जवान शहीद हुए वो कश्मीरी मुस्लिम थे।

पूरे देश में नेताओं द्वारा हिन्दू-मुस्लिम किया जाता है। हर बार हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर वोट बटोरा जाता है। मुसलमानों और हिन्दुओं को सोचना होगा कि यह देश उनका है और दोनों को मिल जुलकर देश में रहना चाहिए। और इस देश की प्रगति के लिए कुछ करना चाहिए। ना की केवल हिन्दू- मुसलमान करना चाहिए।

ओवैसी का कहना है कि जिन लोगों को मुस्लमान की वफादारी पर शक है। उन्हें इनसे कुछ सीखना चाहिए। इन पाँचों ने कश्मीरी मुस्लमान होकर अपनी जान देश के लिए दी है। देश के नेता केवल हिन्दू मुस्लमान के नाम का  सहारा लेकर कैसे वोट बैंक की राजनीति करनी है केवल ये ही जानते है।

 

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