उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले में दलित समुदाय की बस्ती पर एक अन्य समुदाय द्वारा किए गए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस हमले में एक गर्भवती महिला समेत कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

घटना शुक्रवार की है जब जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के रामनाथ का पुरवा गांव में दलित बस्ती के एक घर पर गांव के ही कुछ स्वर्ण जाती के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा के मुताबिक फ़िलहाल सभी अभियुक्त फ़रार हैं लेकिन उनकी तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं।

ग्रामीणों की मानें तो इस तांडव की शुरुआत 9 जुलाई को तब शुरू हुई जब बाज़ार से डीजल लेने जा रहे मृतक रामजीत के पुत्र मनजीत को रास्ते में रोक कर राकेश उपाध्याय आदि ने उससे मारपीट की और रुपये लूट लिए थे। घटना की शिकायत लेकर पीड़ित सेमरी चौकी पहुंचा तो उसे कोतवाली भेज दिया गया। आरोप है कि कोतवाली इंचार्ज निर्भय सिंह ने पीड़ित को न्याय देने के बजाए फटकार कर भगा दिया था।

इसके ठीक 3 दिन बाद, 12 जुलाई को राकेश उपाध्याय और अन्य आरोपी रामनाथ पुर की दलित बस्ती में पहुंचे और एक दलित महिला के साथ छेड़छाड़ की। जिसके बाद शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे दलितों को अनसुना कर दिया गया।

पुलिस द्वारा एफआईआर न दर्ज करने से आक्रोशित दलित समुदाय ने उसी दिन राकेश उपाध्याय को पीट दिया। इसके बाद उसी पुलिस ने जिसने पूर्व की दों घटनाओं पर मुकदमा दर्ज नहीं किया था राकेश उपाध्याय की शिकायत पर तुरंत दलित समुदाय के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इससे आरोपियों के होसले बुलंद हो गए और शुक्रवार को उन्होंने लाठी-डंडों के साथ दलित बस्ती पर हमला कर दिया। हमलावरों ने गर्भवती महिला और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा। मारपीट में एक दलित व्यक्ति की जान चली गई।

बता दें कि, घटना को हुए करीब 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि पूर्व की घटनाओं को पुलिस द्वारा गंभीरता से नहीं लेने और जानबूझकर लापरवाही करने की वजह से एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इससे इलाके के दलित समुदाय के लोगों में डर और रोष दोनों देखा जा रहा है। घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्तिथि बनी हुई है।

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