नेताओं के सामने एक बार फिर पुलिस प्रशासन बेबस नज़र आया। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई घटना में बजरंग दल के नेताओं ने पुलिस थाने में क़ानून अपने हाथ में ले लिया, वहीँ पुलिस मजबूर खड़ी तमाशा देखती रह गई।

शराब पीकर पुलिस के साथ मारपीट के आरोप में पकड़े गए बजरंग दल नेता कमलेश ठाकुर को छुड़ाने के लिए उनके समर्थको ने थाने में हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस के द्वारा रोके जाने पर समर्थकों ने सड़क पर चक्कजाम कर दिया और न सिर्फ आरोपी को छुड़वाया बल्कि पुलिस के सामने उसे कंधे पर घुमाने भी लगे।

पुलिस के आरोपों के मुताबिक, नशे में धुत बजरंग दल का प्रांतीय संयोजक कमलेश ठाकुर के मार्केट में देर रात शराब पीने पर ऐतराज़ जताया। जिस पर उसने पुलिस के साथ गाली गलौच और मारपीट की। जिसके बाद पुलिस उसे अपने साथ हबीबगंज थाने ले आई। 40-50 के करीब कार्यकर्ताओं ने थाने में हंगामा कर नेता को छुड़ा ले गए।

वहीँ कमलेश ठाकुर ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए मामले में पूरी गलती पुलिस की बताई है। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी ज्वैलर्स में मैं खरीदारी करने आया, जितने लोग प्लेटफॉर्म पर थे पुलिसवाले वहां से सबको उठाने लगे। मैंने उनको कहा मैं यहां खरीदारी करने आया था लेकिन उन्होंने मुझे लॉकअप में बंद कर दिया। मैंने पूछा भाई कौन फरियादी है जिसकी शिकायत पर मुझे बंद कर दिया लेकिन पुलिस ने कुछ भी नही बताया।

नेताओं का पुलिस की तरफ ऐसा रवैय्या कई बार देखा जा चुका है। पिछले दिनों एक भाजपा नेता ट्रैफिक पुलिस पर सिर्फ इस बात पर नाराज़ हो गए थे कि पुलिस ने उनके बेटे का चालान काट दिया था।

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