बीजेपी नेता परेश रावल को अब स्क्रीनशॉट की ताकत का अंदाजा लग गया होगा। 2018 में आप कोई ट्वीट या पोस्ट डिलीट करके पल्ला नहीं झाड़ सकते क्योंकि सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट लिया जा चुका होता है।

परेश रावल के  एक ट्वीट का भी स्क्रीनशॉट लिया जा चुका है जो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है।

आपको याद होगा 27 फरवरी 2018 को ट्विटर पर #JhootiCongress नाम से ट्रेंड चलाया जा रहा था। अगर आपको पता नहीं तो बता देते है कि ट्विटर की ज्यादातर पॉलिटिकल ट्रेंड सुनियोजित होती है।

इसके लिए आईटी सेल की ओर से अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को ट्रेंड अलर्ट भेजा जाता है। इसमें किस वक्त में किस हैशटैग के साथ क्या ट्वीट करना है, इसकी जानकारी होती है।

#JhootiCongress भी सुनियोजित था। बाकी नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरह परेश रावल को भी आईटी सेल की तरफ से ट्रेंड अलर्ट भेजा गया होगा। लेकिन परेश रावल से गलती ये हो गई कि उन्होंने ट्वीट की जगह ट्रेंड अलर्ट का ही गूगल डॉक्यूमेंट ट्वीट कर दिया।

हालांकि उन्होंने बहुत फुर्ती से उसे डिलीट करने की कोशिश की लेकिन उससे पहले सोशल मीडिया के योद्धाओं ने स्क्रीनशॉट ले लिया था।

परेश रावल ‘कांग्रेस को झूठी’ साबित करने के चक्कर में अपना कोरा सच उजागर कर बैठे। ट्रेंड अलर्ट के इस गूगल डॉक्यूमेंट में ट्विटर पर ट्रेंड करने का तरीका और कुछ ट्वीट्स थे जिसे नेता और कार्यकर्ता अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते।

ट्विटर यूजर Unofficial Sususwamy‏ ने परेश रावल द्वारा ट्वीट की गई गूगल डॉक्यूमेंट के कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है।

मजेदार बात ये है कि इस गूगल डॉक्यूमेंट में लिखे कुछ ट्वीट्स को गुजरात बीजेपी के नेताओं ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया है।

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