यूं तो सभी राजनीतिक दल अपने फायदे के अनुसार आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन जब आंकड़े पूरी तरह से ग़लत और गढ़े हुए पेश किए जाएं तो उसपर सवाल उठना भी लाज़मी है। कुछ ऐसा ही मामला तब देखने को मिला जब सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को एक ट्वीट कर ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ा एक पूरी तरह से गढ़ा हुआ आंकड़ा जारी किया। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया।

रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा, ‘क्या आप जानते हैं कि हमारे देश के किसान अपने उत्पादों को ऑनलाइन मंडी के जरिए बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं।’ इसके साथ ही उन्होंने एक फोटो भी ट्वीटर पर डाला, जिसमें बताया गया कि किसानों ने ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार के जरिए 1.13 लाख टन के कृषि उत्पाद बेचे, जिसकी कीमत करीब 6.13 लाख करोड़ है।

बस इन आकड़ों के जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया। सोशल मीडिया पर लोग केंद्रीय मंत्री की खिंचाई करने लगे। सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि अगर 6.13 लाख करोड़ को 1.13 लाख टन से भाग देकर 1 किलो का दाम निकाला जाए तो यह करीब 54,327 रुपए प्रतिकिलो आ रहा हैं। लोग पूछ रहें हैं कि वह कौन सा कृषि उत्पाद है जो 54 हजार रुपए किलो बिक रहा है?

ट्विटर यूजर प्रतीक सिन्हा ने इस आंकड़े को जुमला करार देते हुए लिखा, लगता है आपकी गणित में कुछ खामी है। क्या किसानों की फसल अब 54 हजार रुपए किलो में बिक रही है।

ट्वीटर यूजर विद्युत ने लिखा है, ‘एक किलो अनाज 54,247 रुपए किलो। क्या आपकी सरकार ने गांजा, अफीम बेचना वैध कर दिया है? आप क्या बेच रहें हैं?

वहीं ट्विटर यूजर आदित्य ने लिखा, ‘कितने जुमले बोलेंगे आप लोग, थोड़ा कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना सीख लीजिए।’

बता दें कि सोशल मीडिया पर हो रही खिंचाई के मद्देनज़र रविशंकर प्रसाद ने अपने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। लेकिन अभी भी कुछ लोग उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगा कर रविशंकर प्रसाद का मज़ाक उड़ा रहे हैं।

#Union Minister, #Ravi Shankar Prasad, #Wrong facts, #Twitterite trolls