6 दिसबंर 1992 को अयोध्या में बनी बाबरी मस्जिद को भाजपा-वीएचपी के कारसेवकों ने तोड़ दिया था। आज इस बात को 25 साल पूरे हो गए।

बाबरी मस्जिद टूटने से भारत का मजबूती से बुना तानाबाना भी टूट गया था। राजनेताओं ने राजनीतिक रोटियां सेंकी। वो आज भी लगातार जारी है।

25 साल से मंदिर वहीं बनाएँगे लेकिन तारीफ नहीं बताएँगे ऐसा होता चला आ रहा है। नफरत की आग देश में फैलाई जा रही है।

इसी पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं जिसे बोलता हिंदुस्तान अपनी सोशल वाणी में जगह दे रहा है।

फेसबुक पर अर्जुन शर्मा ने लिखा कि, शर्म आना चाहिए भाजपाइयों, आरएसएस वालो को जो 6 दिसम्बर शौर्य दिवस के रूप में मानते है साथियो आज 25 वर्ष बीत गए क्या मिला परिणाम श्री राम जी टेंट में है, डेढ़ लाख हिन्दू मारे गए,सांप्रदायिक परिवेश का जन्म हुआ।

सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए इनको फायदा हुआ। इसे हिन्दू शौर्य नही बल्कि शर्म दिवस के रूप में मनाये।। और आरएसएस और बीजेपी के असली चेहरे को समझे।।

आरएसएस व बीजेपी के स्वार्थ के कारणों से… ।। मारे गए हिन्दू भाइयो को आश्रुपुरित भाव से भावभीनी श्रधांजलि नमन।

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