इसीलिए मैं कहता हूं कि ब्राह्मणवाद से बड़ा अतांकवाद दुनिया में दूसरा नहीं। एक बहुजन नौजवान ने ब्राह्मणवाद के रक्षकों से टक्कर क्या ली कि पूरा ब्राह्मणवादी तंत्र उसकी जान का दुश्मन बन गया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलते ही चंद्रशेखर को रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाकर जेल में डाल दिया गया। उनकी साजिश इस नौजवान आवाज़ को दबाने इसे खत्म करने की है।

बीजेपी को बताना चाहिए कि चंद्रशेखर से राष्ट्रीय सुरक्षा को कौन सा ख़तरा है।

अब समय आ गया है कि चंद्रशेखर की आजादी के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। यह केवल चंद्रशेखर की आजादी की लड़ाई नहीं पूरे बहुजन की मुक्ति के लिए संघर्षों कि लड़ाई है। इससे पहले कि देर हो और पछतावा ही हाथ में बाकी रह जाए आइए मिलकर एक आवाज़ बने चंद्रशेखर की आजादी की आवाज़ बने।

लेखक- महेश राठी

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