उत्तरप्रदेश निकाय चुनाव के परिणाम के बाद ईवीएम फिर से विवादों में आ गई है। राजनीतिक पार्टियों से लेकर निर्दलीय उम्मीदवार तक ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

कई प्रतियाशियों का कहना है कि उनको शून्य (0) वोट मिले हैं जबकि उनके परिवार के सदस्यों ने तो उन्ही के लिए वोट डाले थे, वो वोट कहां  गए?

भाजपा ने निकाय चुनाव में जीत हासिल की है लेकिन उसकी जीत पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। प्रतियाशियों ने राज्य और केंद्र में भाजपा सरकार होने को आधार बनाते हुए राज्य प्रशासन पर भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोप लगाया है।

ये भी देखने में आया है कि जिन पदों के लिए चुनाव बैलट पेपर से कराए गए वहां भाजपा इतनी ज़्यादा बढ़त नहीं बना सकी जितनी उसने मेयर के चुनाव में बनाई। मेयर के अलावा अन्य पदों में भाजपा को बीएसपी और सपा ने कड़ी टक्कर दी है।

गौरतलब है कि मेयर के पद के लिए चुनाव ईवीएम से कराए गए थे और पालिका अध्यक्ष, पार्षद और पंचायत के चुनाव बैलट पेपर से हुए थे। मेयर के 16 पदों में से भाजपा 14 जीती है।

 

मेयर की कुल सीटें- 16

भाजपा- 14

बीएसपी- 2

कांग्रेस-0

सपा-0

 

पार्षद की कुल सीटें- 1299

बीजेपी-596

सपा-202

बीएसपी- 147

कांग्रेस-110

अन्य- 244

 पालिका अध्यक्ष की कुल सीटें-198

भाजपा-67

सपा-45

बसपा- 29

कांग्रेस-9

अन्य- 45

पालिका सदस्य की कुल सीटें- 5261

भाजपा- 921

सपा-477

बसपा- 266

कांग्रेस- 157

अन्य-3444

 पंचायत अध्यक्ष की कुल सीटें- 438

भाजपा-100

सपा- 83

बसपा-45

कांग्रेस-17

अन्य-193

पंचायत सदस्य की कुल सीटें -5434

भाजपा- 666

सपा-453

बसपा-217

कांग्रेस-126

अन्य- 3972

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