योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर पद संभालने के बाद अब उनको एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है ।यह चुनौती बसपा सुप्रीमो मायावती के रूप में होगी। खबरें है कि मायावती फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। इस लड़ाई में मायावती को सपा और कांग्रेस का भी साथ मिल सकता है।

इसका मतलब कि, उत्तर प्रदेश की इस लोकसभा सीट पर अब बढ़ा दंगल होगा। जिसमें एक तरफ होगे योगी और दूसरी तरफ उनके खिलाफ होगी मायावती। इस लड़ाई को 2019 के चुनावों का ट्रायल भी कहा जा सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के साथ फूलपुर से सांसद केशव प्रसाद मौर्या ने भी उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। संवैधानिक रूप से इन नेताओं को पद पर बने रहने के लिए 19 सितंबर से पहले विधानसभा पहुंचना आवश्यक है। इन दोनों को अपने सांसदीय सदस्य पद से त्यागपत्र देना होगा। योगी गोरखपुर और केशव प्रसाद मौर्या फूलपुर सीट से लोकसभा सदस्य हैं।

भाजपा ने 2014 में फूलपुर सीट से जीत हासिल की थी और उस वक्त केशव प्रसाद मौर्या को करीब 5 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। जबकि बसपा उम्मीदवार कपिल मुनि को 1 लाख 63 हजार 710 वोट मिले। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार धर्मराज पटेल को 1 लाख 95 हजार 256 और कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद कैफ को 58, 127 वोट मिले थे।

इस सीट पर अगर मायावती मैदान में उतर जाए और बीजेपी विरोधी दल एकजुट हो जाए तो भाजपा के लिए इस सीट से जीत हासिल करना आसान नहीं होगा।

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