भाजपा अक्सर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी पर मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश करने का आरोप लगाती है लेकिन अब भाजपा भी वही कर रही है लेकिन कामयाब होती नहीं दिख रही है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने पश्चिम बंगाल में गुरुवार (11 जनवरी) को मुस्लिम सम्‍मेलन का आयोजन किया।

पार्टी को सम्‍मेलन में बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों के जुटने की उम्‍मीद थी, लेकिन अधिकांश कुर्सियां खाली ही रह गईं। बता दें, कि राज्य में इसी वर्ष पंचायत चुनाव हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में मुस्लिम समुदाय की आबादी 27% है। ऐसे में समुदाय राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है।

भाजपा पंचायत चुनावों के ज़रिये पश्चिम बंगाल में अपनी पैठ बढ़ाने में जुटी है। पार्टी को पता है कि पश्चिम बंगाल की सत्ता में आने के लिए मुस्लिम मतदाताओं का साथ ज़रूरी है। ऐसे में पार्टी का अल्‍पसंख्‍यक मोर्चा अभी से समुदाय को रिझाने में पूरी तरह से जुट गया है। लेकिन उसकी कोशिशें नाकाम नज़र आ रही हैं।

हाल ही में भाजपा ने तीन तलाक के मामले में मुस्लिम महिलाओं को लुभाने की कोशिश की है लेकिन उसका प्रभाव भी नज़र नहीं आ रहा है।

भाजपा ने कोलकाता के मोहम्‍मद अली पार्क में मुस्लिम सम्‍मेलन का आयोजन किया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्‍दुल राशिद अंसारी के साथ पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और वरिष्‍ठ नेता मुकुल रॉय भी वहाँ मौजूद थे।

पश्चिम बंगाल में सत्तधारी तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि मुसलमान कभी भी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे, क्योंकि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री का एकमात्र एजेंडा देश को धार्मिक और जाति के आधार पर बांटना है।

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