सामाजिक कार्यकर्ता ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पकोड़ा रोज़गार के बयान के खिलाफ मुज़फ्फरनगर कोर्ट में मामला दर्ज किया है।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने एक टीवी चैनल को दिए हुए इंटरव्यू में कहा था कि ”जो लोग टीवी चैनल के बाहर पकोड़े का ठेला लगाते हैं वो भी तो एक रोज़गार ही है” इसी बात का समर्थन करते हुए अमित शाह ने राज्य सभा में कहा था कि पकौड़ा बेचना शर्म की बात बिल्कुल नहीं है। वो मानते हैं कि पकोड़ा बेचना भीख मांगने से अच्छा है।

इसी बात से असहमत होकर एक सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने अमित शाह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तमन्ना हाशमी का कहना है कि अगर देश की सरकार युवाओं को रोज़गार नहीं दे सकती तो कम से कम उनकी बेरोज़गारी का मजाक ना उड़ाए। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तिथि तय की है।

सबसे बड़ा सवाल है कि क्या पकौड़े बेचने के लिए ही युवा पढ़ाई करते हैं और अपने राज्य से दूसरे राज्य जाकर बड़ी-बड़ी डिग्री लेते हैं। अमित शाह ने इस बयान से नौकरी की लाइन में लगे युवाओं के बीच निराशा पैदा की है।

गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बीते पांच फरवरी को पहली बार राज्यसभा में भाषण दिया था। अमित शाह ने राज्यसभा में कहा था कि मैं मानता हूं कि भीख मांगने से अच्छा है कि कोई चाय या पकौड़े बेचे।

Loading...
loading...