ईवीएम की विश्वसनीयता दिन-प्रतिदिन शक के घेरे में आ रही है। भारत की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अपने कार्यकर्ताओं को ईवीएम इस्तेमाल के बारे में ट्रेन कर रही है।

कांग्रेस इसके लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कुछ एनजीओ की मदद ले रही है। कांग्रेस ने 5% मशीनों की 1000 की जांच के निर्देश दिए हैं। अभी तक कांग्रेस ने ईवीएम का इस तरह से विरोध नहीं किया है जैसे अन्य क्षेत्रियें पार्टियाँ कर रही हैं लेकिन उसका ये कदम दिखाता है कि वो भी ईवीएम से बेखौफ नहीं है।

ईवीएम सेशन के लिए गए नुमाइंदे भावीन परमार ने बताया कि हमें ईवीएम मशीनों की सील चेक करने को कहा गया है और ये भी देखने को कहा गया है कि कहीं कांग्रेस के चिन्ह पर कोई सफेद पर्ची तो नहीं लगी। कांग्रेस को आशंका है कि भाजपा चुनावों में गड़बड़ी कर सकती है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यूपी चुनावों के बाद आशंकित है, हम सभी केंद्रों और बूथों के 25% वीवीपैट की गिनती चाहते हैं। हालांकि चुनाव आयोग का दावा है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो ही नही सकती, उसे हर तरह से जांचा जा चुका है।

गौरतलब है कि हाल ही में उत्तरप्रदेश निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद ईवीएम फिर से विवादों के घेरे में हैं। इन परिणामों के बाद विपक्षी पार्टियाँ के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी यूपी निकाय चुनाव में ईवीएम गड़बड़ी के आरोप लगाएं थे।

बसपा प्रमुख मायावती ने दो मेयर के पद जीतने के बावजूद राज्य की योगी सरकार को फिर से बैलट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती भी दी थी। उनका दावा है कि बैलट पेपर से भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।

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