तीन तलाक मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अलग-अलग विचारों के इस्लामी विद्वानों की तीन तलाक पर राय जमा कराई जाए साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि तमाम देशों में तीन तलाक की क्या स्थिति है।
इस मामले की सुनवाई के दूसरे दिन सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खुर्शीद से खूब सवाल किए।
यह पूछने पर कि किन गैर इस्लामिक देशो में तीन तलाक को बैन किया गया है इस पर सलमान खुर्शीद ने जवाब दिया श्रीलंका और कई अफ्रीकी देशों में। सर्वोच्च अदालत ने पूछा की तीन तलाक धर्म का जरूरी हिस्सा है या परंपराओं से आया जिस पर सलमान खुर्शीद ने जवाब दिया यह भारत में बाहर से आया और आज सिर्फ भारत में ही है।
तीन तलाक का यह मामला कितनी बड़ी आबादी को प्रभावित करती है इसे बताने के लिए सलमान खुर्शीद ने कुछ आंकड़े प्रस्तुत किए और कहा- ‘इस देश में 80% मुसलमान सुन्नी हैं और उनमें से 90% हनफ़ी । और हनफियों में तलाक ए विद्दत को मान्यता है। ‘
आगे जोड़ते हुए खुर्शीद कहते हैं तीन तलाक लगभग 1000 साल से है और भारत में राजनैतिक वजहों से इसे बदलने की कोशिश नहीं की गई । एक साथ तीन तलाक बोलने को एक तलाक का ही दर्जा मिलना चाहिए।

 

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