देश में एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई है जिसके मुताबिक सरकार से सवाल पूछने पर सैनिकों का हवाला देकर मुंह बंद करा दिया जाता है।

इस देश में हर मुद्दें को सैनिकों से जोड़ने का चलन सा बन चुका है लेकिन जब वहीं सैनिक सरकार से मुलभूत सुवाधाओं की मांग करते हुए सत्ताधारियों की आलोचना करते हैं तो उन सैनिकों को भी देशद्रोही की तमगा देते देर नहीं लगती सोशल मीडिया पर बैठे लठैतों को। सरकार भी ऐसे मामलों में चुप्पी साधे रहती है।

तेज बहादुर यादव की तरह ही एक और जवान की वीडियों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस सैनिक का नाम है पंकज मिश्रा जो की सीआरपीएफ में कार्यरत हैं।

पंकज मिश्रा ने भी तेज बहादुर यादव की तरह वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला है जिसमें उन्होंने सैनिकों से होने वाले भेदभाव, पीटाई, खराब खाना और अफसरों की तनासाही का मुद्दा उठाया है और न्याय की मांग की है। जो कथित देशभक्त दिन-रात सैनिकों का नाम पर सोशल मीडिया पर लोगों की ट्रोलिंग करते हैं वो पंकज मिश्रा और तेज बहादुर यादव जैसे सैनिकों की मांग पर मौन हो जाते हैं।

फिलहाल पंकज मिश्रा असम में पोस्टेड हैं। 7 अक्टूबर को अपलोड किए गए वीडियो में पंकज मिश्रा ने 21 दिनों की भूख हड़ताल की घोषणा भी की है। लेकिन भूख हड़ताल की कहानी असम से नहीं सुकमा से शुरु हुई थी। दरअसल अप्रैल में छत्तसीगढ़ के सुकमा में एक नक्सली हमला हुआ था जिसमें सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के 30 जवान शहीद हो गए थे। इस शहीदों में पंकज मिश्रा का एक रिश्तेदार भी थे।

घटना से आहत होकर पंकज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। पंकज मिश्रा के मुताबिक इस वीडियो को पोस्ट करने की वजह से ऑफिसरों ने बैरक में उनकी पिटाई कर कोर्ट मार्शल भी कर दिया। इस घटना के बाद पंकज ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। अब पंकज की पोस्टिंग असम में है, जहां मामले की जांच के लिए इंक्वॉयरी कमेटी बैठाई गई थी। लेकिन पंकज का कहना है कि इंक्वॉयरी कमेटी ने उनसे बात किए बिना ही इंक्वॉयरी भी पूरी कर ली है।

7 अक्टूबर को पंकज मिश्रा ने जो वीडियो अपलोड किया है उसमें उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निशाना साधा है। पंकज मिश्रा ने कहा है‘सुकमा कांड के बाद मैंने राजनाथ सिंह की निंदा की थी। उसके बाद मुझे पीटा गया। जांच खुली तब भी मेरी पिटाई की गई। राजनाथ सिंह जी ये क्या करवा रहे हो? आपको इतनी ही शर्म आती है तो आप बताएं कि आपने अभी तक अपने कार्यकाल में क्या किया है?

आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया है? समझ में नहीं आता कि वे प्रचार मंत्री हैं या पर्यटन मंत्री। पूरे देश को उन्होंने गुमराह किया है। राष्ट्र को धोखा दिया है, उन्हें राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए।’

साथ ही जवान ने ये भी कहा है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो साल 2019 में कमल का फूल कीचड़ में भी नहीं खिलने देंगे।

पंकज मिश्रा ने एक पोस्ट भी लिखी है जिसमें उन्होंने अपनी मांगों का जिक्र किया है।

भूख हड़ताल तभी समाप्त होगा जब केंद्र सरकार हमारी मांग मांने ?कमी हो तो आप भी comt में बता सकते है ।1- केंद्र सरकार ए…

โพสต์โดย Pankaj Mishra บน 12 ตุลาคม 2017

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