केंद्र की मोदी सरकार जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली भारतीय संविधान की धारा 370 पर यू-टर्न लेती पर नज़र आ रही है। सरकार का अब कहना है कि धारा 370 को ख़त्म करने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने मंगलवार को लोकसभा में कहा, ‘सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।’ अहीर ने यह बात बीजेपी सांसद अश्विनी कुमार के लिखित प्रश्न के संदर्भ में कही, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने पर विचार कर रही है।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के लोकसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में अनुच्छदे 370 को समाप्त करने की बात कही थी। समय-समय पर अनुच्छेद 370 को लेकर बहस भी होती रही है।

अनुच्छेद 370 को राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील मसला माना जाता है। जम्मू एवं कश्मीर की राजनीतिक पार्टियां इस अनुच्छेद को समाप्त किए जाने के खिलाफ हैं। जबकि बीजेपी और शिवसेना को छोड़कर इस मुद्दे पर ज्यादातर राजनीतिक दलों का रुख स्पष्ट नहीं है।

साल 1954 में राष्ट्रपति के एक आदेश के बाद संविधान में यह अनुच्छेद जोड़ा गया था, जो जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को विशेषाधिकार प्रदान करता है, और राज्य विधानसभा को कोई भी कानून बनाने का अधिकार देता है, जिसकी वैधता को चुनौती नहीं दी जा सकती।

यह अनुच्छेद जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को छोड़कर बाकी भारतीय नागरिकों को राज्य में अचल संपत्ति खरीदने, सरकारी नौकरी पाने और राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने से रोकता है।

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