तीन तलाक की बुराईयों को ख़त्म करने के लिए अब मुस्लिम समाज आगे आ रहा है। 15 हज़ार मदरसों को नियंत्रण करने वाली दरगाह-ए-आला हज़रत ने घोषणा की है कि वो इस्लाम के कानून के मुताबिक बच्चों को तलाक के सही तरीके सिखाएगी।

दरगाह ने ये कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराए जाने के बाद उठाया है। जिसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सम्मान और उसके बारे में लोगों को जागरूक कराने के रूप में देखा जा रहा है।

कुरान में कही भी तीन तलाक का ज़िक्र नहीं है। इसलिए दरगाह कुरान में दिए हुए तलाक के तरीके को बच्चों को सिखाएगी। दरगाह के इस कदम का मकसद समाज को ये बताना है कि तीन तलाक इस्लाम के कानून के अनुरूप नहीं है।

तलाक को लेकर अभी तक मदरसों में नहीं पढ़ाया जाता था लेकिन अब इसकी शुरुआत होगी। मदरसों के कार्यक्रम में इस अतिरिक्त जानकारी को अगले वर्ष 2018 से ही लागू किया जाएगा।

 

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