आज सुबह “जाने भी दो यारों” के डायरेक्टर कुंदन शाह की निधन की खबर से बॉलीवुड मेें गमी का माहौल छा गया। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। 69 साल के कुंदन शाह के गुजर जाने की खबर सुनकर सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। फ़ेसबुक और ट्विटर पर आम लोग के साथ-साथ फ़िल्मी दुनिया की नामचीन हस्तियां भी उनके निधन पर शोक जता रही हैं।

वहीं फ़िल्म डायरेक्टर हंसल मेहता ने लिखा, ”जाने भी दो यारों, कुंदन शाह की आत्मा को शांति मिले. दुखी करने वाली ख़बर.”

विक्रम भट्ट ने ट्वीट किया, ”जाने भी दो यारों जैसी अविस्मरणीय फ़िल्म देने वाला आदमी हमें छोड़कर चला गया. वो चला गया लेकिन वो अब भी ज़िंदा है.”
संकेत भोसले नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, ”आपकी आत्मा को शांति मिले. मेरी पसंदीदा फ़िल्म ‘कभी हां, कभी ना के लिए शुक्रिया.”

आपको बता दें कि फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया से डायरेक्शन की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कॉमेडी “जाने भी दो यारों” से 1983 में अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी। डायरेक्टर कुंदन शाह का जन्म 19 अक्टूबर 1947 में हुआ था, और 69 साल की उम्र में ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

 
गौरतलब है कि कुंदन शाह ने अपने करियर के शुरुआती दौर में टेलीविजन दुनिया की ओर मुड़ गए थें। उन्होंने छोटे पर्दे पे “ये जो है ज़िंदगी” से शुरुआत की। इसके बाद शाह ने नुक्कड़ (1986), मनोरंजन (1987) और आर के लक्ष्मण के कार्टून आम आदमी पर आधारित वागले की दुनिया (1988) जैसे यादगार सीरियल बनाए हैं।

 
लिहाजा कई टीवी सीरियल को बनाने के बाद शाह ने सिनेमा से सात साल का ब्रेक लिया था। इसके बाद 1993 में उन्होंने “कभी हां, कभी ना” से वापसी बड़े पर्दे पे की। इसकी स्टोरी भी उन्होंने लिखी। कुंदन शाह ने इस फ़िल्म के लिए फ़िल्म फेयर पुरस्कार भी जीता है। इसके बाद उनकी 1998 में बनाई गई फिल्म “क्या कहना” भी हिट रही।

 
लेकिन कई हिट फिल्में देने के बाद उनकी सभी फ़िल्में “हम तो मोहब्बत करेगा”, “दिल है तुम्हारा”, “एक से बढ़कर एक” औऱ 2014 में आखिरी फ़िल्म “पी से पीएम तक” बॉक्स ऑफ़िस पर औंधे मुंह गिरी।

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