भले ही स्वच्छ भारत अभियान चला दिया जाए और बेटियों के सम्मान के लिए तरह तरह की बातें की जाए लेकिन मध्य प्रदेश से आई ये तस्वीर दिखाती है कि न तो भारत स्वच्छ हो रहा है और न ही बेटियों को किसी तरह का सम्मान मिल रहा है ।

इसके साथ ही पता चलता है कि मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के बदतर हालात बेटियों को आगे बढ़ने के मौके नहीं दे पा रहे हैं।

ये शर्मनाक तस्वीर मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में किला रोड पर स्थित कन्या शाला में मूत्रालय की छत पर पढ़ती हुई बच्चियों की है, जिसे एक वरिष्ठ पत्रकार अजय दुबे ने अपने ट्विटर पर पोस्ट किया है।

इसको रिट्वीट करते हुए लोग मध्य प्रदेश सरकार पर सवाल उठा रहे हैं कि शिक्षा ,साफ-सफाई और बेटियों की अस्मिता की सुरक्षा के लिए सरकार कोई कारगर कदम क्यों नहीं उठा पा रही है।

दरअसल ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लड़कियों की पढ़ाई इसलिए भी छुड़वा दी जाती है क्योंकि वहां पर शौचालय की व्यवस्था नहीं होती । यहां तो उससे भी एक कदम आगे बढ़ते हुए खुले शौचालय की व्यवस्था है ,जिसमें नीचे पुरुष मूत्रालय है और ऊपर की छत पर बैठकर पढ़ते हुए बच्चे।

अगर देश का भविष्य ऐसी गंदगी और बदबू में शिक्षा लेने को मजबूर है तो हमें स्मार्ट सिटी से पहले बुनियादी शिक्षा के लिए आवश्यक जरूरतों को पूरा करने को सोचने की जरूरत है।

भले ही राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तमाम बड़े दावे कर लें कि वो विकास की बयार बहा रहे हैं लेकिन गरीबों और ग्रामीणों की हालत बद से बदतर है।

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