हमारी चिंता यह नहीं है कि उन्होंने बच्चों के मरने से पहले ही अस्पताल में आक्सीजन के लिए पैसा क्यों नहीं दिया ?

हमारी चिंता यह है कि उन्हें पता है कि अब बच्चे मरने से भी जनता उनके खिलाफ नहीं जायेगी,

उन्हें पता है कि उन्होंने भारत की बहुसंख्य जनता को मुसलमानों से इतना डरा दिया है कि अब जनता उन्हें ही वोट देगी,

बहुत सारे लोग हैं जिन्हें बस इस बात का संतोष है कि एक भगवा कपड़े वाला सत्ता पर बैठा है,

वह इसी बात से खुश हैं,

आप जनता को बताते हैं कि यह भगवा गुंडा है तो जनता को और ज्यादा सुरक्षा का आभास होता है,

उन्हें लगता है कि अब उन्हें मुसलमानों से तो कोई गुंडा ही बचा सकता है,

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने मुसलमानों को खलनायक साबित करने के लिए पूरे नब्बे साल काम किया है,

भारत के हिन्दुओं के मन में मुसलमानों के खिलाफ नफरत और डर पैदा करने के लिए सुबह ज़ल्दी उठ कर पार्कों में इन्होनें शाखाएं लगाईं,

हर छोटे कसबे तक में सरस्वती शिशु मन्दिर खोले वहाँ बाकायदा मुसलमानों के खिलाफ पाठ पढाये गये,

उस मेहनत की फसल अब भाजपा काट रही है,

अब आप जैसे ही सच्चाई लिखते हैं कि डाक्टर कफील मरते हुए बच्चों को बचा रहा था,

तुरंत संघ का आईटी सेल पूरे इंटरनेट पर उसकी फर्जी काउंटर न्यूज़ चला देता है कि मुस्लिम डाक्टर कफील ने सिलेंडर चोरी कर के अपने प्राइवेट अस्पताल में बेचे इसलिए बच्चे मर गये,

प्रकृति ने अपनी व्यवस्था के तहत आपको बच्चे दिए,

लेकिन आपने अपनी व्यवस्था के तहत उन्हें मार डाला,

अपनी व्यवस्था जल्द से जल्द सुधार लीजिये वरना आप अपने बहुत सारे बच्चों को मार डालेंगे,

क्योंकि वो आक्सीजन की व्यवस्था करेंगे ही नहीं,

वो अपने लिए वोटों की व्यवस्था करेंगे क्योंकि वोट ही उनका आक्सीजन है,

और आप उन्हें वोट इसलिए देंगे क्योंकि उन्होंने आपको डरा दिया है,

आपका डर ही आपके बच्चों की मौत का कारण है,

जिस दिन आप आँखें खोलेंगे और असली मुद्दों पर नेताओं से सवाल पूछेंगे उस दिन आपके लिए आक्सीजन का इंतजाम हो जायेगा,

लेखक : हिमांशु कुमार (सामाजिक कार्यकर्ता)

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