विश्व धरोहर आगरा में 43 वर्षीय नाज़नीन की बिमारी की वजह से मौत हो जाती है । उसके परिवार वाले उसे दफना कर घर चले जाते हैं। सुबह जब मरहूम का बड़ा बेटा अपनी माँ की कब्र पर फूल डालने जाता है तो देखता है कि कब्र ख़ुदी पड़ी है और लाश तथा कफन अस्त व्यस्त है।

फ़तेह पुर सिकरी की इस घटना से पूरा आस पास का मुस्लिम समाज हैरान हो जाता है। चूँकि मरहूम औरत थी इसलिये परिवार की दूसरी औरतों को कब्र में उतार कर शव का निरिक्षण करती हैं और पाती हैं कि लाश के पैर मुड़े हुए हैं, कब्र में शराब की बोतल और पैंट भी पाई जाती है,,
समझते देर नही लगती कि यह न सिर्फ हवस है बल्कि धार्मिक उन्मादी जानवरों की बर्बरता है।।

इस जंगली हरकत के लिए राजेन्द्र दीक्षित नाम के एक ब्राह्मण मनुवादी जानवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

इस घटना के सामने आने के बाद सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनने पर पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ एसडीएम खेरागढ़ एमपी सिंह और सीओ अछनेरा विजय कुमार सिंह पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर हाईवे से हटाया। पुलिस की फील्ड यूनिट टीम भी मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया और शव से दुष्कर्म की जांच को सैंपल लिए।

इसके बाद दिल्ली उल्माओ से हालात बता कर दोबारा कफन दफ़न के तरीका पूछ कर मरहूम को दोबारा दफन करदिया गया।

लेकिन हैरानी की बात है कि, आज न कोई टीवी न्यूज़ एंकर रो रहा है, न मोमबत्ती जल रही हैं जंतर मंतर और इंडियागेट पर और न कोई फेमिनिस्ट नज़र आ रहे हैं,
बल्कि देश में बहुत शांति है,,
इस शांति को मेरी नज़र न लगे।

-फरहीन नफ़ीस

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