शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसके तहत ईवीएम की आलोचना पर रोक लगाई थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्यों के राजनीतिक दलों, अन्य राजनीतिक दलों, एनजीओ या व्यक्तिगत रूप से ईवीएम की आलोचना करने पर रोक लगा दी थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, प्रेस, रेडियो, फेसबुक, ट्विटर के जरिये ईवीएम की आलोचना नहीं कर सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें उसने यह आदेश दिया था कि ईवीएम की आलोचना कोई भी नहीं सकता। सुप्रीम कोर्ट 6 हफ्ते बाद मामले की सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट में नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी।

नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए याचिकाकर्ता रमेश पांडे ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला बोलने की आजादी के अधिकार के खिलाफ है। नैनीताल हाईकोर्ट ने 2 जून को कहा था कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसके आदेशों पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसलिए किसी को भी ईवीएम की आलोचना करने का अधिकार नहीं है।

गौरतलब हो कि इस साल पांच राज्यों में हुए चुनावों में उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत के बाद तमाम विपक्षी दलों ने ईवीएम की भूमिका पर सवालिया निशान लगाए थे।

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