इन दिनों फेसबुक समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ़र्जी पोस्ट के जरिए नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है । ऐसी साजिश के तहत इस बार जेएनयू की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद को निशाने पर लिया गया है । दो फर्जी पोस्ट के जरिए जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद के बारे में अफवाह उड़ाई जा रही है।

दयाल सिंह कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात केदार मंडल के विवादास्पद पोस्ट के बहाने दक्षिणपंथी ट्रोल अब विरोधी विचारधारा के छात्रनेताओं को बदनाम करने में लग गए हैं।

इसी कोशिश के तहत कुछ फ़र्जी पोस्ट बनाए गए हैं जिनमें से एक केदार मंडल और देवी दुर्गा विवाद से जुड़ा है तो दूसरा इस्लामी राष्ट्र का झूठा शिगूफा।

अभी सबसे नई फेक पोस्ट का हेडिंग है-
‘हिंदू धर्म की मां दुर्गा को एक वेश्या कहने वाले केदार मंडल के समर्थन में आई जेएनयू की शेहला राशिद’

इसके साथ ही पोस्ट में जिक्र किया गया है कि मीडिया ने केदार मंडल का विरोध किया है लेकिन शेहला राशिद ने कहा कि हिंदू धर्म तो महिला विरोधी है ही।

इन सबके अतिरिक्त उसमें से खुद से बनाई गई बातों को जोड़ते हुए लिखा जाता है कि {देवी दुर्गा को वैश्या कहने वाले प्रसंग में }शेहला की राय है कि हिंदू धर्म में महिलाओं को वेश्या बनाकर रखा जाता है और हिंदुओं के धर्मगुरु महिलाओं का शोषण करते हैं जबकि इस्लाम में ऐसा नहीं होता ।

पूरी तरह से नफरत की मंशा से बनाई गई इस पोस्ट की सच्चाई की पड़ताल में बोलता हिंदुस्तान की टीम ने जब शेहला राशिद से संपर्क किया और सच्चाई जानना चाहा तो उन्होंने न सिर्फ इस पोस्ट में लिखी बातों को खारिज किया बल्कि इसे भाजपा और भक्तों की एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।

ये पहला मामला नहीं है कि शेहला के खिलाफ कोई साजिश रची गई हो। अभी कुछ दिन पहले ही इस तरह की एक और कोशिश की गई थी। जिसमें एक फ़र्जी पोस्ट के जरिए कहा गया था कि भारत में मुस्लिमों की आबादी तेज गति से बढ़ रही है , ये हिंदू कट्टरपंथी कितनी भी कोशिश कर लें , भारत को इस्लामी राष्ट्र बनने से नहीं रोक पाएंगे ।

इस पोस्ट को भी बेतुका और बेहूदा करार देते हुए शेहला राशिद खारिज करती हैं ।

इस तरह की फ़र्जी पोस्ट को लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की कैंपेनिंग का हिस्सा बताते हुए शेहला राशिद Facebook पोस्ट लिखती हैं और कहती हैं कि जिस तरह की स्टेटमेंट मैंने बनाई ही नहीं उसको लिखकर अफवाह उड़ाई जा रही है । इससे पता चलता है कि 2019 के चुनाव की कैंपेनिंग अब शुरू हो गई है।

इस तरह की किसी भी पोस्ट को भक्तों की साजिश करार देते हुए कहती हैं कि ऐसे बयान मैंने दिए ही नहीं ,ऐसी बातें मैने की ही नहीं , उसपर ऐसी पोस्ट बनाकर अफवाह उड़ाना दिखाता है कि कितनी बौखलाहट है।

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