हां साहब बहादुर हम अमीर ही तो हैं। देखिये न खून जला-जला कर और पेट काट-काट कर बचाये हुए कुछ पैसे हैं हमारे पास। यह अमीरी नहीं तो और क्या है। बिटिया की शादी के बाद से ही सर पर उधार है। उधार लेकर खर्च करने की इस निशानी को अमीरी की निशानी न कहें तो और क्या कहें।

देखिये न हमें अमीरों वाली बीमारी भी है। अरे वही हार्ट प्रॉब्लम। अमीरों वाली यह बीमारी नहीं होती तो एटीएम की कतार में हमें हृदयघात ही क्यों होता। और तो और, मेरी बीवी के गले में एक मंगलसूत्र है और बेटा पैदा हुआ था तो सोने की एक ज्युतिया बनवाये थे।

ऊपर से मेरी बीवी एक पागल कि बेटी होने पर भी चांदी की एक ज्युतिया बनवा लाई। इसपर माई से डांट भी खाई। घर में गहनों की ये निशानियां हैं तो हम अमीर हैं ही। वैसे तो उसके पास सोने के दो पतले पतले कड़े भी थे। पर बेटी के मनटीका बनवाने में खप गए, वरना हम और थोड़ा अमीर होते।

अब तो बैंक में हमारे खाते भी हैं, तो साहेब बहादुर यह अमीरी नहीं तो और क्या है। प्रणाम साहब बहादुर भारतीय गणराज्य का एक अमीर तस्वीर: हिंदुस्तान टाइम्स से साभार।