अंतरराष्ट्रीय संस्था ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि नोटबंदी के बाद प्रतिबंधित नोटों का 97 फीसद हिस्सा बैंकों में वापस आ चुका है। इस बारे में जब अरुण जेटली से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कन्नी काटते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता।’

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 500 रुपये और 1000 रुपए के बंद किए गए 97 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि नोटबंदी के बाद बैंकों में 30 दिसंबर तक 14.97 लाख करोड़ रुपए वापस आ गए थे।

नोटबंदी के समय देश में प्रचलित कुल नोटों में करीब 86 प्रतिशत 500 और 1000 के नोटों के रूप में थे इसलिए इस फैसले के बाद आम जनता को नकदी की भारी किल्लत का सामना कर पड़ा।

पीएम मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी। इस फैसले के चलते देश में तकरीबन 115 लोगों की मौत हो गई, जिसपर हंगामा हुआ। लेकिन मोदी ने अपने फैसले को वापस लेने के बजाए तर्क दिया कि बड़े मकसद को पाने के लिए मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।

पीएम मोदी के इस जुमले पर देश की जनता ने उनको समर्थन भी दिया। लेकिन अब सारे आंकड़े सामने हैं, नोटबंदी के फैसले से पीएम ने जिन मगरमच्छों को पकड़ने का दावा किया था वह तो आज़ाद हैं, लेकिन इस फैसले के चलते कई मछलियों ने ज़रूर दम तोड़ दिया।