आज से उत्तर प्रदेश विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो गया है, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। राज्यपाल राम नाईक ने विधानसभा को संबोधित किया, अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

विपक्ष के विधायकों ने राज्यपाल राम नाईक की ओर कागज फेंके जिसे पूरे भाषण के दौरान मार्शल ने राज्यपाल के सामने खड़े होकर उन्हें बचाया।

विधानसभा में राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान राज्य में चरमराती कानून व्यवस्था की स्थिति पर कोई बात नहीं की। इस बात से नाराज और प्रदर्शन करने के लिए पहले से तैयार विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया।

विधानसभा सत्र के दौरान योगी सरकार की मुख्य चुनौती कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर बनी हुई है, जिसपर विपक्ष लगातार हमला कर रहा है। योगी सरकार बनने के 50 दिनों के भीतर ही उत्तर प्रदेश में कई जगह जातीय हिंसा हुई है। इसे लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति बदहाल होने का आरोप विपक्ष लगा रहा है।

सहारनपुर हिंसा के अलावा पिछले 50 दिनों के भीतर कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जब भाजपा के विधायक और सांसद ही कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने। गोरखपुर में भाजपा विधायक राधा मोहन दास द्वारा एएसपी चारू निगम को सार्वजनिक तौर पर फटकार लगाए जाने के मुद्दे को भी विपक्षी दलों सदन में उठाया।

इसके अलावा छिटपुट जगहों के साथ-साथ आगरा में कई हिंदूवादी संगठनों की वजह से कानून-व्यवस्था को लेकर समस्याएं खड़ी हुई हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने सदन के भीतर सरकार को घेरने की व्यापक रणनीति तैयार कर रखी है।

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