पंजाब नेशनल बैंक घोटला होने के बाद पीएनबी की रेटिंग में गिरावट की पूरी संभावना है। बैंकों की रेटिंग जारी करने वाली रेटिंग एजेंसी ‘फिच’ ने पीएनबी में हुए घोटाले के बाद रेटिंग घटाने का फैसला किया जा सकता ऐसा सिर्फ इसलिए क्योकिं नीरव मोदी द्वारा किये घोटालें से बैंक की साख कमजोर हुई है जिसका फण्ड जुटाने में उसकी बैंक के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

रेटिंग जारी करने वाली फिच इस मामलें पर बयान जारी करते हुए कह दिया है पंजाब नेशनल बैंक को फिलहाल वायबिलिटी रेटिंग ‘बीबी’ को रेटिंग वाच नेगेटिव जोन में रखा गया है। पीनएनबी में बड़ा फ्रॉड सामने आने के बाद रेटिंग एजेंसी ने यह सख्‍ती बरती है।

फिच ने पंजाब नेशनल बैंक की आर्थिक हालत पर नज़र बनाये रखने बैंक की तरफ दिए जा रहे जवाबों के बाद बैंक की रेटिंग पर विचार कर रहा है। फिच का कहना है इतने बड़े घोटाले के बाद  कैपिटल मार्केट पर नकारात्‍मक असर हुआ है।

पीएनबी पर बढ़ते एनपीए भी बढ़ा है। साल 2017-18 के अप्रैल-दिसंबर के दौरान पीएनबी का एनपीए 12.1 फीसदी बढ़ा है। बैंक की कमाई लगातार ख़राब रही है।

क्या वायबिलिटी रेटिंग का मतलब?

वायबिलिटी रेटिंग से फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशन की साख मापी जाती है। यह रेटिंग दिखाती है कि किसी संस्‍थान के असफल होने की कितनी संभावना है। इससे फंड उगाहने की क्षमता का भी पता चलता है।  रेटिंग वाच नेगेटिव का मतलब है कि पीएनबी की वायबिलिटी रेटिंग भी कम हो सकती है।

बता दें कि हाल ही में नीरव मोदी ने बैंक से 11400 करोड़ रुपए घोटाला सामने आया है। फिलहाल इस रकम का कितना पैसा वापस आया इसकी कोई भी जानकारी अधिकारिक जानकारी न बैंक दी और न ही सरकार ने अब देखना ये है इतनी बड़ी रकम को बैंक कैसे वापस लेता है।

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