देश डिजिटल हो रहा है। नेता, फ़िल्मी हस्ती, खिलाड़ी सभी ट्वीटर पर किसी भी बड़े हादसें की निंदा करते है। मगर नेताओं की दुनिया में निंदा तभी होती है जब हादसा उस राज्य में न हो जहां उनकी सरकार हो।

प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह तक, पार्टी से लेकर प्रवक्ता तक, सबके ट्वीटर हैंडल पर अब तक निंदा सन्देशों की बाढ़ सी आ जानी थी, बशर्ते सरकार उनकी न होकर किसी और पार्टी की होती। मसलन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुए हादसा अगर सपा या बसपा सरकार में हुआ होता तो बीजेपी के सारे नेता निंदा करने के साथ इस्तीफा भी मांग लिया होता।

अब क्योंकि उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार है। तो भाजपा की ये दोहरी नीति साफ़ नज़र आती है। दुनिया या देश की हर छोटी बड़ी हलचलों पर ट्वीट करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में हादसे के 48 घंटे बाद भी कोई ट्वीट नहीं किया।

 

देश के स्वास्थ मंत्री  जेपी नड्डा ने भी अभी तक कोई भी ट्वीट नहीं किया है। बल्कि नड्डा सरकार की उपलब्ब्धि वाला प्रचार उनका आखिरी ट्वीट है। हालाकिं उन्होंने गोरखपुर जाने की बात कही ज़रूर है मगर उनका ट्वीट अबतक नहीं आया है।

 

 

देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ऐसे पद पर बैठे हुए है जहां सरदार पटेल ने बैठकर देश को बुरे समय में एक किया मगर उनका गृहमंत्री होंने का नाते तभी ट्वीट आता है जब किसी जा जन्मदिन होता है या फिर कोई त्योहर। उनका भी अभी तक गोरखपुर हादसे पर कोई ट्वीट नहीं आया है।

उत्तर प्रदेश के स्वस्थ मंत्री का ट्वीट ज़रूर है जो उन्होंने 6 घंटे पहले किया था। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन को शनिवार को रवाना किया।

मंत्रियों को साथ ही इस मामले में ‘किसी को भी न बख्शने’ की सख्त हिदायत भी दी गई है। हालांकि आदित्यनाथ के कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सवाल ये उठता है कि क्या करोड़ों की जनसंख्या वाले इस देश में ट्विटर जहां रेल मंत्री बच्चे की दूध की बोतल पंहुचा सकते है। सुषमा स्वराज विदेश में फसें भारतीयों को इसी ट्विटर की मदद से बचा सकती है।

तो क्या देश का चुना प्रधानमंत्री जो रूस में जब एक टीवी एंकर से मिलते है तब उस टीवी एंकर से कहते हुए नज़र आते है मैंने आपको ट्वीटर पर देखा था

मगर वही प्रतिक्रिया सिर्फ राजनीतिक मंशा से आती है या तो अपने किसी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए क्योकिं सौ बात की एक बात ये है की ट्वीटर पर ट्वीट तभी निकलते है जब दुसरे के कुर्ते में दाग नज़र आये।

क्योकिं मोदी सरकार और उनके मंत्रियो के ट्वीटर हैंडल देखकर तो यहीं लगता है की उनके लिए गोरखपुर में मासूम बच्चो की जान जाने पर एक ट्वीट तक नहीं निकला क्योकिं वो उत्तर प्रदेश में है वहीँ केरल में होते तो सबका निंदा करने वाला ट्वीट आता।

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