बहुजन समाज पार्टी से बेटे के साथ बर्खास्त किये गए कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ये वही नसीमुद्दीन सिद्दीकी है जो कभी मायावती के करीबी माने जाते थे।

नसीमुद्दीन ने बर्खास्तगी के बाद मायावती को घमंडी और स्वार्थी करार दिया। नसीमुद्दीन ने बताया की सतीश चंद्र मिश्र ने मायावती को उनके खिलाफ झूठ बोलकर साजिश रची है और उन्हें पार्टी से बहार कर दिया गया। नसीमुद्दीन ने मायावती को एक पत्र लिखकर उन्हें अपने अहसान गिनाए। इस पत्र में मायावती की पोल खोलने की बात कही गई है।

बकौल नसीमुद्दीन “ एक बार नसीमुद्दीन की बेटी की तबीयत ख़राब होने पर उन्होने मायावती से आग्रह किया लेकिन मायावती ने चुनाव प्रचार के कारण अस्पताल नहीं जाने दिया था।”

दूसरा बड़ा आरोप जो नसीमुद्दीन ने मायावती पर लगाया है कि “ सामने तो मायावती मुसलमानों की हितैषी दिखाई देती हैं लेकिन हक़ीकत में मायावती मुसलमानों को गालियां देती हैं।

नसीमुद्दीन का दावा है कि उनकी मेहनत और रणनीति की वज़ह से ही विधानसभा चुनाव में बसपा को 22 फीसद वोट मिले। वह मेहनत नहीं करते तो पार्टी की हालत और भी बद से बदतर होती। सही मायनों में मायावती ने पार्टी को बर्बाद किया है।

नसीमुद्दीन ने आरोप लगाया कि मुस्लिम हितैषी होने का ढोंग करने वाली मायावती अक्सर पार्टी बैठकों में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सामने मुसलमानों को गालियाँ दिया करती थीं।

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