गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में मासूमों की मौत का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीआरडी मेडिकल अस्पताल कॉलेज प्रिंसिपल पीके सिंह के अनुसार पिछले चार दिनों में अब तक 69 लोगों मौतें हो चुकी है। हालत देखकर ऐसा लग रहा मानों की मौतें अब आम हो चली है।

अगस्त के महीने में हुए दर्दनाक हादसें से पूरा देश हिल गया था। अगस्त के महीने में सिर्फ 5 दिनों में 60 लोगों की मौते हुई थी। मगर इस बार जितनी मौतें हुई है वो चौकाने वाली है।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का मानना है कि ज़्यादातर मामले नवजात गहन चिकित्सा यूनिट  में हो रही मौतें है। जिसका कारण निमोनिया, सेप्टिसीमिया (खून में इन्फेक्शन), और अस्फ्यक्सिया यानि ऑक्सीजन की कमी से हो रही मौतें है। इनमें से ज़्यादातर मामला नवजात शिशुयों का है।

पिछले 4 दिन में हर दिन कम से कम 12 से 20 बच्चों की गई जान 

प्रिंसिपल के मुताबिक हाल ही में करीब 333 मरीज़ अभी शिशु वार्ड में मौजूद है। अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक 333 बच्चें आखिर के 4 दिनों में एडमिट हुए जिनमें से हर दिन 12 से 20 बच्चों की मौत अलग अलग कारण से हुई।

7 अक्टूबर को करीब 12 बच्चों की मौत हुई वहीँ अगले दिन यानी 8 तारिक को 20 बच्चें फिर 9 तारिक को 18 और 10 तारिक को करीब 19 मौतें हुई। प्रिंसपल का कहना है कि ज्यादातर मौते इन्फेक्शन के वजह से हो रही ऑक्सीजन की कमी से।

बता दे कि गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज इसी अगस्त को अचानक सुर्खियों में आया था जब यहां एक हफ्ते में 63 बच्चों की मौत हो गई थी। इनमें से कई नवजात बच्चे थे। बच्चों की मौत यहां ऑक्सीजन की सप्लाई में हुई रुकावट के चलते हुए थी।

इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। जिसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल सहित ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स का मालिक भी शामिल था।

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