अक्सर देखा जाता है कि हॉस्पिटल्स की लापरवाही की वजह से मां-बच्चे के साथ ज्यादती हो जाती है। जिसका सीधा असर गर्भवती-नवजातों को झेलना पड़ता है। लेकिन अब इस विषय पर सरकार हरकत में आ गई है। जिसके चलते अब गर्भवती-नवजातों पर स्पेशल ध्यान दिया जाएगा।
दरअसल, यूपी के हेल्थ मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने हाल ही में ‘न्यूट्रीशियन स्टेस्स रिपोर्ट ऑफ मदर इन चाइल्ड’ प्रोग्राम में शिरकत की। जिसमें उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट के हॉस्पिटल्स अब तक गर्भवती-नवजातों के आंकड़ों को लेकर गंभीर नहीं रहे हैं। जिसके चलते अब हर महीने डिस्ट्रिक्ट के हर हॉस्पिटल्स को आंकड़ा जुटाकर सरकार को देना होगा।
हांलाकि ये बात हेल्थ मिनिस्टर सिद्दार्थ नाथ सिंह ने डॉ. संजय गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान(एसजीपीजीआई) में एक प्रोग्राम के दौरान कही। इस प्रोग्राम में परिवार कल्याण मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी और पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. राकेश कपूर भी मौजूद थे। हेल्थ मिनिस्टर सिद्दार्थ नाथ सिंह ने कहा कि शिशु का पहला घर मां का गर्भ होता है। जिसमें बच्चा 9 महीने तक रहता है। मां की सेहत का उसके शिशु पर सीधा असर पड़ता है।
वहीं इस मौके पर सिंह ने ये भी कहा कि अब से यूपी में गर्भवती महिलाओं के हेल्थ पर सरकार की सीधी नजर रहेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही नई व्यवस्था भी बनाने जा रही है।

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