गुजरात में जैसे-जैसे चुनाव करीब आते जा रहे पाटीदार समुदाय की नाराजगी अब उभर के सामने आने लगी है। हाल ही में जब बीजेपी के पटेल नेता और गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल जब गौरव यात्रा को लेकर चाणस्मा पहुंचे तो उन्हें वहां पाटीदारो के विरोध का सामना करना पड़ा, कुर्सिया फेकी गई और वापस जाओ के नारे भी लगाये गए।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में शुरू हुई गौरव यात्रा जबसे चली और जहां जहां यात्रा गई वहां उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। क्योकिं नितिन पटेल पाटीदार जाति से आते तो पार्टी ने उन्हें इसका चेहरा बनाया ताकि पाटीदारों को अपने तरफ किया जाये।

गौरव यात्रा के 10वे दिन जब नितिन पटेल 3 घंटे की देरी से नितिन पटेल तो पाटीदार लोग भड़क उठे नौबत यहां तक आ गई कि गुजरात पुलिस जब पाटीदार समुदाय के लोगों को शांत कराने की कोशिश की तो पुलिस वालों से पाटीदारों की तीखी नोक झोक हो गई।

गौरतलब है कि मौजूदा सरकार में करीब 40 विधायक और 7 मंत्री पटेल समुदाय से हैं.साथ ही गुजरात में पाटीदार मतदाता करीब 20 फीसदी हैं। अब क्योंकिं नरेंद्र मोदी गुजरात के राजनीती से केंद्र की राजनीती में आने के बाद गुजरात में बीजेपी काफी मुश्किल में नज़र आती है।

चाहे वो गुजरात में हुए पाटीदार आन्दोलन ही क्यों ना हो जिसने बीजेपी की सियासी ज़मीन को हिला कर रखा दिया था। जिसका असर आने वाले चुनाव में देखा जा सकता है।

बता दे कि  मौजूदा मुख्यमंत्री विजय रुपानी के नेतृत्व वाली गुजरात की बीजेपी सरकार ने पटेल समुदाय के आरक्षण के लिए आयोग को मंजूरी दी है।

साथ ही बीजेपी ने पाटीदार समुदाय के लोगों को खुश करने के लिए पूरा जोर लगा रखा है पाटीदारों को खुश करने के लिए कई कदमों का ऐलान किया है। इसके बावजूद बीजेपी को पाटीदार समुदाय का विरोध झेलना पड़ रहा है।

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