Tuesday, Jan 17, 2017
HomeBH firstpostपाकिस्तान के उबैद उल्लाह का हैप्पीनेस आइडिया,40 मजदूरों का खुशी और भूख से भरता है पेट

पाकिस्तान के उबैद उल्लाह का हैप्पीनेस आइडिया,40 मजदूरों का खुशी और भूख से भरता है पेट

आज हम एक ऐसे समाज में जी रहें है जिसके बारे में कहा जाता है कि यहाँ संवेदनाएं मार दी गईं हैं या मर चुकी हैं। इंसानों में इंसानियत समाप्त हो चुकी है। कहने का मतलब है कि अपना स्वार्थ और अपना सुख अपनी बेचैनियाँ ख़त्म करने के लिए काफी हैं। अब हम बिल्कुल भी बेचैन लोग नहीं रहे। सरोकार अब सामाजिक न होकर निजी तक सिमट गया है। अपनी भूख के आगे इंसानियत दम तोड़ने लगी है। असल में भूख ही ऐसी चीज है जिसने हमारे भीतर की इंसानियत को मार दिया है। पहले पेट की भूख फिर पैसे कमाने की भूख उसके बाद और पैसे कमाने की भूख। धीरे-धीरे भूख ललक में बदल जाती है। बाद इसके दिल और आँखों पर ऐसी मोटी परत जम जाती है कि दूसरों की तकलीफ, तड़प और भूख से तिलमिलाती ज़िन्दगी दिखती नहीं है सिवाए अपने स्वार्थ के। आज यही हकीक़त है हमारे समाज की लेकिन पूरी तरह से नहीं। आज भी ऐसे लोग मौजूद है जो भूख से बिलखते मजदूर की मजबूरी को देखकर बेचैन होते हैं सभी समाज मे। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का हैप्पीनेस बॉक्स इसी की बानगी भर है।

पाकिस्तान के पेशावर शहर में टीचिंग हॉस्पिटल के सामने वाली दीवार पर एक पीले रंग का बॉक्स फिट करवाकर Darewro नाम से एक डिलीवरी सर्विस की शुरुआत की है जिसके ज़रिए ये छात्र सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की भूख को शांत करते हैं। पीले रंग के इस हैप्पीनेस बॉक्स में गरीब और लेबर क्लास के लोगो के लिए खाने के पैकेट रखे होते हैं। इन पैकेट में बिरयानी से लेकर काबुली पुलाव जैसे पकवान होते हैं।

गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले हैप्पीनेस बॉक्स की शुरुआत उबैद उल्लाह सहित पांच छात्रों ने मिलकर की है। इनमे सभी एमबीए के छात्र हैं। इस प्रोजेक्ट के मैनेजर उबैद उल्लाह ने वहां के अखबार को बताया कि अभी फिलहाल हम प्रतिदिन 40 लोगों का खाना हैप्पीनेस बॉक्स में रखते हैं। ऐसा हम दिन दो बार करते हैं। लंच और डिनर के वक़्त। हम बहुत जल्द खाने के पैकट की संख्या बढ़ाएंगे और हैप्पीनेस बॉक्स की शुरुआत दूसरे शहरो में भी करेंगे ताकि किसी गरीब को भूखा  न रहना पड़े।

उन्होंने आगे बताया कि खानों का इंतज़ाम फिलहाल हम पांचो मिलकर आपसी सहयोग से करते हैं लेकिन आगे चलकर इस नेक काम के लिए हम लोगो से डोनेशन करने को भी कहेंगे।

Rate This Article:
NO COMMENTS

LEAVE A COMMENT

Shares