चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। 68 सीटों पर होने वाले इस चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को आ जाएंगे।

मगर विपक्षी दल गुजरात चुनाव की तारीख का ऐलान ना होने पर कांग्रेस का प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि क्या गुजरात में चुनाव आचार सहिंता की घोषणा इसलिए नहीं हो रही क्योंकि मोदीजी 16 अक्टूबर को लुभावने जुमले देने वहाँ जा रहे हैं?

दरअसल हिमाचल और गुजरात चुनाव की तरीक एक साथ ना घोषित होने पर कई सवाल उठने लगे है। इस मामलें में जब हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनका जवाब था कि दोनों प्रदेशों में मतगणना एक ही दिन यानी 18 दिसंबर को होगी।

साल 2012 में अप्रैल के पहले हफ्ते में चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ था और हिमाचल और गुजरात का चुनाव कार्यक्रम एक साथ घोषित हुआ था। तब हिमाचल में चार नवंबर को वोटिंग हुई थी लेकिन मतगणना 20 दिसंबर को हुई थी। गुजरात में तब दो चरणों में वोटिंग हुई थी और 13 व 17 दिसंबर को वोट डाले गए थे।

उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था कि इतने लम्बे चुनाव का अंतराल विकास के कामों में रुकावट पैदा करता है। चुनाव आयोग को इस फैसले से सीधा फ़ायदा वहां की सरकार को होगा क्योकिं हो सकता है वो चुनावी लाभ के लिए अहम घोषणाएं करे।

बता दे कि इस बार चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आयोग को वीवीपैट (VVPAT) की जरिये की जाएगी।

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