मौजूदा समय में जब साम्प्रदायिक सौहार्द की डोर बहुत ही नाज़ुक हो चली है। धर्म के नाम मोहब्बत के बजाय हम असहिष्णु होते जा रहें हैं तो ऐसे समय में दिल्ली से सटे नोएडा के इलाहाबास गांव में एक हिन्दू पूर्व प्रधान ने अपने मुस्लिम भाइयों को कब्रिस्तान के लिए ज़मीन देकर अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द को फिर से कायम करने की कोशिश की है।

दरअसल मुस्लिम समुदाय के एक बुजुर्ग की मौत होने के बाद दूसरे पक्ष ने उसे अपनी जमीन में दफनाने से मना कर दिया। इसके चलते करीब 24 घंटे तक डेडबॉडी पड़ी रही। रविवार को गांव में रहने वाले दूसरे पक्ष के एक अन्य शख्स ने अपनी एक हजार मीटर जमीन मुस्लिम समाज को कब्रिस्तान के लिए दान कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पसरा तनाव शांत हो गया।

कोतवाली प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि इलाबास गांव निवासी मोहम्मद खान का शनिवार को इंतकाल हो गया। रविवार सुबह लोग जनाजा लेकर सेक्टर-86 स्थित कब्रिस्तान में पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट बच्चू सिंह ने बताया कि उस गांव में कब्रिस्तान के लिए कोई जमीन नही है, जिस वजह से समस्या हुई थी।

हालांकि पूर्व प्रधान राजेन्द्र सिंह ने स्थिति को संभालते हुए अपनी एक बीघा जमीन दान कर दी। जिसके बाद शव को उनके प्लाट में दफनाया गया और मामला शांत हुआ। वहीं, हंगामे की सूचना पर सपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए थे। सपा महानगर अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि यदि कब्रिस्तान की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा तो प्राधिकरण से बात की जाएगी।